महादेव सट्टेबाजी का संचालक रवि उप्पल दुबई में गिरफ्तार, छत्तीसगढ़ लाने की तैयारी में जुटी एजेंसियां
महादेव ऐप के सहसंस्थापक रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया है। भारतीय एजेंसियां उसे जल्द भारत लाने के प्रयास में जुटी हुई नजर आ रही हैं।
Publish Date: Wed, 04 Nov 2026 07:54:24 PM (IST)Updated Date: Wed, 04 Nov 2026 07:56:05 PM (IST)
महादेव बेटिंग ऐप के सह संस्थापक रवि उप्पल की तस्वीर। - अर्काइवHighLights
- महादेव ऐप का सह संस्थापक दुबई में गिरफ्तार
- भारतीय जांच एजेंसियां जल्द भारत लाने में जुटी
- हवाला नेटवर्क और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और भारतीय जांच एजेंसियों को एक और सफलता हाथ लगी है। ऐप के मुख्य सह-संस्थापक और मास्टरमाइंड रवि उप्पल को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दुबई शहर में गिरफ्तार कर लिया गया है।
यह कार्रवाई सौरभ चंद्राकर के ओमान से भारत प्रत्यर्पण के कुछ ही दिनों बाद सामने आई है, जिससे अवैध सट्टेबाजी सिंडिकेट से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। हालांकि, यूएई प्रशासन की तरफ से अभी तक भारत को इसकी कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है, लेकिन भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को अनौपचारिक सूत्रों से इस बड़ी गिरफ्तारी की पक्की जानकारी मिल चुकी है।
हवाला नेटवर्क और नेताओं से संपर्क का था जिम्मा
जांच एजेंसियों के मुताबिक, रवि उप्पल महादेव बेटिंग ऐप का मुख्य सह-संस्थापक था और वही सैकड़ों करोड़ रुपये के हवाला नेटवर्क को संचालित करता था। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ के विभिन्न राजनीतिक नेताओं, रसूखदारों और नौकरशाहों के साथ संपर्क बनाए रखने तथा पैसों का लेन-देन संभालने की जिम्मेदारी भी उसी के पास थी। ईडी और सीबीआई अब हर संभव प्रयास कर रही हैं कि रवि उप्पल को जल्द से जल्द भारत लाया जाए ताकि इस पूरे घोटाले की परतें पूरी तरह से खोली जा सकें।
पहले भी जारी हुआ था रेड कॉर्नर नोटिस
रवि उप्पल के खिलाफ अक्टूबर 2023 में इंटरपोल द्वारा रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। इसी आधार पर दिसंबर 2023 में उसे दुबई में हिरासत में लिया गया था, लेकिन उस समय कानूनी प्रक्रियाओं के चलते 45 दिन बाद उसे छोड़ दिया गया था। इसके बाद से एजेंसियां उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए थीं। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर के पास वानुअतु देश के पासपोर्ट भी हैं, जिनका इस्तेमाल वे अपनी पहचान छिपाने और विदेश यात्राओं के लिए करते थे।
पूछताछ से खुलेंगे अवैध कमाई के राज
ईडी इस मामले में रवि उप्पल से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है ताकि देश-विदेश में फैला हवाला नेटवर्क, मनी ट्रेल और अवैध कमाई के असली लाभार्थियों का पर्दाफाश किया जा सके। इस पूरे प्रकरण में एक अन्य मुख्य आरोपी विकास छपरिया भी वर्तमान में दुबई में ही मौजूद है, जिसे भी भारत लाने के लिए कूटनीतिक और कानूनी प्रयास तेज कर दिए गए हैं।