Mahadev Satta App: रवि उप्पल की गिरफ्तारी के बाद कई बड़े नाम आ सकते हैं सामने, ED रवि को ला सकती है रायपुर
Mahadev Satta App: गिरफ्तार आरोपित रवि और उसका प्रमुख सहयोगी नीरज चंद्राकर 6,000 करोड़ रुपये के मनी लांड्रिंग केस में कथित रूप से मास्टरमाइंड हैं, जिस ...और पढ़ें
By Pramod SahuEdited By: Pramod Sahu
Publish Date: Thu, 14 Dec 2023 12:44:45 PM (IST)Updated Date: Thu, 14 Dec 2023 12:44:45 PM (IST)
HighLights
- राजनीतिक और प्रशासनिक अधिकारियों के नाम भी आ सकते हैं सामने
- ईडी ने अब तक महादेव एप मामले में छह आरोपितों को भेजा है जेल
- छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम भी आया है
Mahadev Satta App: रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। महादेव बेटिंग एप के प्रमोटर रवि उप्पल को मुंबई पुलिस ने दुबई से गिरफ्तार कर लिया है। जल्द ही उसे भारत लाया जाएगा। गिरफ्तार आरोपित
रवि उप्पल और उसका प्रमुख सहयोगी नीरज चंद्राकर 6,000 करोड़ रुपये के मनी लांड्रिंग केस में कथित रूप से मास्टरमाइंड हैं, जिसमें छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम भी आया है।
रायपुर की सेशन कोर्ट ने इन दोनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है। उसके बाद अक्टूबर माह में इन दोनों के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी हुआ। रायपुर और दुर्ग पुलिस ने रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर के विरुद्ध लुकआउट नोटिस जारी किया है। हाल ही में शुभम सोनी नाम के युवक ने एक वीडियो प्रसारित करके कहा था कि उसने भूपेश बघेल को 508 करोड़ रुपये दिए थे। शुभम ने खुद को
महादेव एप का संचालक भी बताया। जिसके बाद से उसकी भी तलाश की जा रही है।
महादेव बेटिंग एप के प्रमोटर रवि उप्पल की गिरफ्तारी के बाद अब कई और बड़े नाम आ सकते हैं। रवि उप्पल को ईडी पूछताछ के लिए रायपुर ला सकती है। वहीं जेल में बंद आरोपितों के आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी। राजनीतिक और प्रशासनिक अधिकारियों के नामों का राजफाश हो सकता है। ईडी ने मामले में इससे पहले एएसआइ चंद्रभूषण शर्मा, सतीष चंद्राकर, अनिल दमानी, सुनील दमानी, असीम दास और आरक्षक भीम सिंह यादव को जेल भेजा है। असीम की गिरफ्तारी अाचार संहिता में हुई थी। उसके पास से 508 करोड़ रुपये जब्त किए गए थे। आरोप था कि चुनाव में खर्च के लिए भेजे गए थे।
सौरभ और रवि छह सौ करोड़ के मास्टरमाइंड
उल्लेखनीय है कि गिरफ्तार आरोपित रवि और उसका प्रमुख सहयोगी सौरभ चंद्राकर 6,000 करोड़ रुपये के मनी लांड्रिंग केस में कथित रूप से मास्टरमाइंड हैं, जिसमें छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम भी आया है। बता दें कि रायपुर की स्पेशल कोर्ट ने इन दोनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। उसके बाद अक्टूबर माह में इन दोनों के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी हुआ। रायपुर और दुर्ग पुलिस ने रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर के विरुद्ध लुकआउट नोटिस जारी किया था।
शुभम सोनी को बताया था मालिक
रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर ने एक बयान में महादेव ऐप और सट्टेबाजी घोटाले में शामिल होने से इनकार कर दिया था। इन लोगों ने इसके लिए शुभम सोनी नाम के शख्स को जिम्मेवार ठहराया है। इसके बाद शुभम का वीडियो आया जिसमें उसने खुद को संचालक बताया और पुलिस और राजनीति से जुड़े लोगों को पैसे भेजने की बात कही।
सभी के बंटे हुए हैं काम
- सौरभ चंद्राकर महादेव बुक के पैसों का लेन-देन और लाइजनिंग संभालता है।
- रवि उप्पल डिजिटल प्लेटफार्म, आइडी-पासवर्ड सिस्टम की देखरेख करता है।
- अतुल अग्रवाल पार्टनर है, विदेश में काम बढ़ाने के साथ वहां के ग्राहक लाता है।
- कपिल चेलानी छत्तीसगढ़ में आइडी को आपरेट करता है। खुद भी आइडी चलाता है।
- सतीश चंद्राकर राज्य की लाइजनिंग व अधिकारी-कर्मचारी का मैनेजमेंट देखता था।