रायपुर। नवरात्र में अन्य फूलों की अपेक्षा गुड़हल के फूल की अधिक मांग होती है। क्योंकि इसे मां दुर्गा का पसंदीदा फूल माना जाता है, इसलिए उनके श्रृंगार में खासा महत्व है। इसे पूजा फूल और स्थानीय लोग दसमत फूल भी बोलते हैं।
राजधानी में कोलकाता के हावड़ा फूल मार्केट से गुड़हल का फूल पहुंच रहा है। माता के भक्त सुबह होते ही फूल खरीदने बाजार पहुंच जाते हैं। वहीं कई दुर्गा उत्सव समितियां एडवांस में नौ दिनों के लिए गुड़हल फूल की बुकिंग करती हैं।
महामाया मंदिर, काली माता मंदिर, बंजारी माता मंदिर, आरंग, भिलाई, गरियाबंद, बस्तर यहां तक अमरकंटक तक के भक्त राजानी से गुड़हल फूल मंगाते हैं। फूल विक्रेताओं के अनुसार सिर्फ राजधानी में रोज 40 हजार गुड़हल के फूल आते हैं और पूरे बिक जाते हैं।
नवरात्र पर्व में पहले दिन, पंचमी और अष्टमी के दिन गुड़फूल की अधिक मांग रहती है, क्योंकि इन दिनों सुबह-शाम की आरती में गुड़हल फूल का विशेष महत्व होता है। गुड़हल फूल के अलावा कमल, गुलाब, रजनीगंधा, गेंदा, सेवंती फूल की भी मांग होती है। इनमें से कमल, देसी गुलाब को छोड़कर अन्य फूल नागपुर, कोलकाता से आते हैं।
कली से बनता है फूल
पुष्प बाजार व्यापारी संघ के अध्यक्ष युवराज साहू ने बताया कि गुड़हल के फूल प्रमुख तौर पर कोलकाता के जिला मिदनापुर गांव पासकुड़ा से आते हैं। अन्य फूलों की तुलना में गुड़हल फूल नाजुक होता है। इसे ज्यादा सुरक्षा की जरूरत होती है इसलिए पत्तल से ढंककर बर्फ के साथ पैकिंग कर ट्रेन से यहां भेजा जाता है। वहां कली को पैक किया जाता है जो यहां आते तक खिल जाती है। 200 कलियों का एक पैकेट होता है।
पर्व में बढ़ा रेट, 3 रुपए नग
दुकानदारों की मानें तो फूल की कीमतों में जीएसटी का खास प्रभाव नहीं पड़ा है। बस बुके सामग्री की कीमत में थोड़ी तेजी आई है। गुड़हल फूल पहले 1 रुपए में नग में मिलता था, लेकिन नवरात्र में 3 रुपए नग में मिल रहा है। कमल 10 रुपए, गुलाब 15, रजनीगंधा 100 रुपए प्रति हार, गेंदा प्रति किलो 20 स्र्पए और सेवंती माला माला 150 रुपए में बिक रही है।