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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अब छत्तीसगढ़ में अपनाया जाएगा 'इंदौर मॉडल', स्वच्छता को लेकर कार्यशाला में महापौरों ने बताए भ्रमण के ये अनुभव

छत्तीसगढ़ के शहरों को इंदौर मॉडल के आधार पर स्वच्छ बनाया जाएगा। इसके लिए प्रदेश के नगर निगमों के महापौरों और कमिश्नरों ने 5 दिन का इंदौर भ्रमण किया था...और पढ़ें

By Roman TiwariEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Fri, 11 Jul 2025 01:58:14 PM (IST)Updated Date: Fri, 11 Jul 2025 01:58:26 PM (IST)
अब छत्तीसगढ़ में अपनाया जाएगा 'इंदौर मॉडल', स्वच्छता को लेकर कार्यशाला में महापौरों ने बताए भ्रमण के ये अनुभव
महापौरों ने साझा किया अपना अनुभव

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर: प्रदेश को स्वच्छ रखने के लिए इंदौर का मॉडल अपनाया जाएगा। इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है। उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन व विकास मंत्री अरुण साव की मौजूदगी में नवा रायपुर स्थित सर्किट हाउस में गुरुवार को कार्यशाला हुई। इंदौर शहर का पांच दिन भ्रमण कर लौटे सभी नगर निगमों के महापौरों और कमिश्नरों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए।

कार्यशाला में प्रदेश में स्वच्छता अभियान को लेकर भविष्य की योजनाओं तथा विभिन्न नवाचारों पर चर्चा की गई। वहीं आगे की रणनीति पर मंथन किया गया। सभी नगर निगमों के महापौर और कमिश्नर 20 से 24 जून तक अध्ययन भ्रमण पर गए थे। इन्होंने शहर को स्वच्छ, सुंदर व सुविधापूर्ण बनाने वहां अपनाए गए नवाचारों व अन्य के बारे में जानकारी ली थी।


महापौरों ने साझा किए अपने अनुभव

कार्यशाला में रायपुर निगम की महापौर मीनल चौबे ने बताया कि सबसे अच्छी बात इंदौर शहर की नालियों का पूरी तरह से कवर्ड और अंडरग्राउंड होना है। कचरा नालियों में नहीं जाता है, जिससे जाम की समस्या नहीं होती है। शहर की स्वच्छता में जनप्रतिनिधि और जनता का पूरा समन्वय दिखाई देता है। इसके लिए आवश्यक है किजनप्रतिनिधि भी जनता के बीच जनजागरूकता लाने के लि प्रयास करें। सरकार के भरोसे यह संभव नहीं है।

बिलासपुर की महापौर पूजा विधानी ने बताया कि भ्रमण के दौरान पूरे शहर में कहीं भी सड़क पर मवेशी या कुत्ते दिखाई नहीं दिए। सड़क किनारे बनी नालियों के ऊपर ठेले-खोमचे वाले भी नहीं दिखे। यह केवल निगम, जनप्रतिधि तथा जनता के बीच परस्पर समन्वय से ही संभव हो सकता है।

कोरबा की महापौर संजुदेवी राजपूत ने कहा की इंदौर शहर में बैनर व होर्डिंग्स पर विशेष प्रविधान लागू किया गया है। राजनीतिक या गैर राजनीतिक को 24 घंटे के भीतर स्वयं हटाना पड़ता है। एआइ आधारित मानिटरिंग प्रणाली के माध्यम से सभी गाडियों का लोकेशन ट्रेस किया जाता है, जिससे निर्धारित समय पर कचरे का संग्रहण किया जा सकता है।

अब प्रदेश की छवि भी सुधरेगी- उपमुख्यमंत्री साव

इस दौरान उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि किसी राज्य की छवि उसके शहरों से बनती है। यदि शहर साफ, स्वच्छ और सुविधापूर्ण होगा तो प्रदेश की छवि भी सुधरेगी। इंदौर शहर विगत सात वर्षों से केंद्र सरकार की स्वच्छता रैंकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त कर रहा है।

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साथ ही उन्होंने बताया कि महापौरों औरआयुक्तों को भ्रमण पर भेजा गया था कि वहां की कार्यप्रणाली का अवलोकन करें और उन अनुभवों को शहर में क्रियान्वित करें। अन्य नगरीय निकायों के अध्यक्षों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को भी देश के स्वच्छ्तम शहरों के अध्ययन भ्रमण पर भेजा जाएगा। महापौरों को शहर की कार्ययोजना बनाते समय ध्यान रखना होगा कि शहर साफ, स्वच्छ और सुविधापूर्ण हो।