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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Medical College Scam: रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज में भ्रष्टाचार पर सिविल सोसाइटी सख्त, मुख्यमंत्री और राज्यपाल को लिखा पत्र

Rawatpura Sarkar Medical College: रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने गंभीर चिंता जाहिर की है। इस मा...और पढ़ें

By Mohan KumarEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Tue, 08 Jul 2025 03:04:37 PM (IST)Updated Date: Tue, 08 Jul 2025 03:04:37 PM (IST)
Medical College Scam: रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज में भ्रष्टाचार पर सिविल सोसाइटी सख्त, मुख्यमंत्री और राज्यपाल को लिखा पत्र
रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज को लेकर सिविल सोसाइटी सख्त

HighLights

  1. रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज को लेकर सिविल सोसाइटी सख्त
  2. छात्रों के भविष्य को लेकर रखीं तीन बड़ी मांगें
  3. कॉलेज बंद करने की भी अपील

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की है। इस संबंध में सिविल सोसाइटी के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी (एमडी, डीएम) ने राज्य के मुख्यमंत्री और राज्यपाल को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

डॉ. सोलंकी ने कहा कि रावतपुरा मेडिकल कॉलेज में हुए गंभीर अनियमितताओं से न केवल प्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र की गरिमा को ठेस पहुंची है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठा को नुकसान हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज में भारी भ्रष्टाचार हुआ है और इसकी सच्चाई सामने लाने की आवश्यकता है।


सिविल सोसाइटी की ओर से पत्र में तीन प्रमुख मांगें रखी गई हैं-

1. कॉलेज को तुरंत बंद किया जाए – जब तक कॉलेज को सीबीआई से क्लीन चिट नहीं मिलती, तब तक इसे बंद रखा जाए।

2. छात्रों का भविष्य सुरक्षित किया जाए – एमबीबीएस के 150 छात्रों को पारदर्शी काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से अन्य निजी मेडिकल कॉलेजों में ट्रांसफर किया जाए। इसके लिए एनएमसी (नेशनल मेडिकल काउंसिल) के दिशा-निर्देशों का पालन किया जा सकता है।

3. अन्य पाठ्यक्रमों की भी जांच हो – रावतपुरा सरकार ट्रस्ट द्वारा संचालित नर्सिंग, फार्मेसी और अन्य कोर्सेज की भी ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) से जांच कराई जाए। यदि अनियमितताएं पाई जाएं तो संबंधित संस्थानों को भी बंद कर छात्रों को अन्य संस्थानों में समाहित किया जाए।

सिविल सोसाइटी ने चेताया है कि यदि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो छात्र और उनके अभिभावक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। राज्य सरकार से मांग की गई है कि वह छात्रों के भविष्य और चिकित्सा शिक्षा की साख को ध्यान में रखते हुए त्वरित और निष्पक्ष निर्णय ले।