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रायपुर में लूट, ओडिशा में मोबाइल का लॉक खुला, कोटा में बदल दी पहचान, तीन राज्यों में फैले सिंडिकेट का पर्दाफाश, 5 गिरफ्तार, 100 वारदातों का खुलासा

कबीर नगर पुलिस और साइबर टीम ने इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए रायपुर, ओडिशा और राजस्थान से पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

By Deepak ShuklaEdited By: manoj dubey
Publish Date: Thu, 17 Sep 2026 01:59:09 PM (IST)Updated Date: Thu, 17 Sep 2026 01:59:09 PM (IST)
रायपुर में लूट, ओडिशा में मोबाइल का लॉक खुला, कोटा में बदल दी पहचान, तीन राज्यों में फैले सिंडिकेट का पर्दाफाश, 5 गिरफ्तार, 100 वारदातों का खुलासा
गिरफ्तार किए गए आरोपित। नईदुनिया

HighLights

  1. सीसीटीवी के एक फ्रेम से खुलती गई पूरी कहानी
  2. जेल में बनी पहचान, फिर तैयार हुआ नेटवर्क
  3. दुकान की आड़ में लूटे मोबाइल का लॉक खोलते थे

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। रायपुर की सड़कों से लूटे और चोरी किए गए मोबाइल सीधे बाजार में नहीं पहुंचते थे। उन्हें पहले ओडिशा भेजा जाता था, जहां मोबाइल का लॉक खोलकर उसकी पहचान बदलने की कोशिश होती थी। आईफोन और सैमसंग के कुछ मॉडल सॉफ्टवेयर से अनलॉक नहीं हुए तो उनके मदरबोर्ड बदल दिए जाते थे।

इसके बाद भी मोबाइल तैयार नहीं होता तो उसे राजस्थान के कोटा भेज दिया जाता था। वहां तकनीकी मदद से लॉक खोलकर मोबाइल को सेकंड हैंड फोन बताकर बेच दिया जाता था।

100 मोबाइल चोरी और लूट की घटनाओं का खुलासा

कबीर नगर पुलिस और साइबर टीम ने इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए रायपुर, ओडिशा और राजस्थान से पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में अब तक करीब 100 मोबाइल चोरी और लूट की घटनाओं का खुलासा हुआ है। आरोपितों के कब्जे और निशानदेही से 14 मोबाइल फोन और दो लैपटॉप जब्त किए गए हैं।


सीसीटीवी के एक फ्रेम से खुलती गई पूरी कहानी

मोबाइल लूट की घटनाओं की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसी दौरान एक फुटेज में संदिग्ध चेहरा दिखाई दिया। जांच के बाद उसकी पहचान रावाभाटा निवासी शहजाद अली उर्फ भिंडी के रूप में हुई।

पुलिस ने शहजाद को पकड़कर पूछताछ की। जांच में सामने आया कि वह पहले भी मोबाइल लूट के मामले में जेल जा चुका है। पूछताछ आगे बढ़ी तो रायपुर में मोबाइल लूटने वाले नेटवर्क से लेकर उन्हें दूसरे राज्यों में खपाने वालों तक की जानकारी पुलिस के सामने आने लगी।

जेल में बनी पहचान, फिर तैयार हुआ नेटवर्क

शहजाद की निशानदेही पर पुलिस ने कैलाशपुरी और भाटागांव क्षेत्र से उसके साथी गौरव मझखंड और कृष दीप को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि रायपुर में लूट और चोरी किए गए मोबाइल शहर में ही बेचने के बजाय बाहर भेजे जाते थे।

मोबाइल बस और अन्य माध्यमों से ओडिशा के राजखरीयार क्षेत्र के ग्राम तुकला निवासी भोदेव मेहर तक पहुंचते थे। इसके बाद मोबाइल को बाजार में बेचने लायक बनाने का काम शुरू होता था।

दुकान की आड़ में लूटे मोबाइल का लॉक खोलते थे

पुलिस के अनुसार भोदेव मेहर ओडिशा में मोबाइल दुकान चलाता था। वह GSM Rex.com के Unlock Tool जैसे सॉफ्टवेयर की मदद से चोरी और लूटे गए मोबाइल का लॉक खोलता था। इसके बाद मोबाइल को सेकंड हैंड फोन बताकर ग्राहकों को बेच दिया जाता था।

यानी जिस मोबाइल को रायपुर में किसी व्यक्ति से छीना गया था, उसकी पहचान मिटाकर कुछ ही समय बाद उसे सामान्य इस्तेमाल किए हुए मोबाइल के रूप में बाजार में उतार दिया जाता था।

लॉक नहीं खुला तो बदल देते थे मदरबोर्ड

गिरोह के सामने सबसे बड़ी परेशानी आईफोन और सैमसंग के कुछ मॉडलों में आती थी। इन मोबाइलों का लॉक सामान्य तरीके से नहीं खुलता था। ऐसे में आरोपितों ने दूसरा तरीका अपनाया।

पुलिस के मुताबिक, ऐसे मोबाइलों में स्क्रैप से मंगाया गया स्पेयर मदरबोर्ड लगाया जाता था। इससे मोबाइल की मूल पहचान बदलने की कोशिश की जाती थी। इस तरह लूटे गए मोबाइल को उसके मूल रूप में पहचानना मुश्किल बनाने का प्रयास किया जाता था।

ओडिशा में भी बात नहीं बनी तो कोटा का सहारा

भोदेव मेहर जिन मोबाइलों को अनलॉक नहीं कर पाता था, उन्हें राजस्थान के कोटा निवासी आकाश परेटा के पास भेजा जाता था। पुलिस के मुताबिक आकाश खुद को सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताता था और ऐसे मोबाइलों का लॉक खोलता था।

इसके बाद मोबाइल को बाजार में बेच दिया जाता था। इस तरह एक मोबाइल की यात्रा रायपुर से शुरू होकर ओडिशा और फिर राजस्थान तक पहुंचती थी।

लुटेरे से खरीदार तक पहुंची पुलिस

कबीर नगर पुलिस और साइबर टीम ने मोबाइल लूट की घटनाओं की जांच को केवल आरोपितों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रखा। तकनीकी विश्लेषण और फील्ड जांच के जरिए मोबाइल की पूरी कड़ी को खंगाला गया।

लूट और चोरी करने वाले युवक, मोबाइल को ओडिशा पहुंचाने वाले नेटवर्क, लॉक खोलने वाले व्यक्ति और राजस्थान में तकनीकी मदद देने वाले आरोपित तक पुलिस पहुंची। इसी जांच के आधार पर तीन राज्यों में कार्रवाई कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार, अब तक करीब 100 मोबाइल चोरी और लूट की घटनाओं का खुलासा हुआ है। पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर अन्य मामलों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

14 मोबाइल और दो लैपटॉप बरामद

आरोपितों के कब्जे और निशानदेही से पुलिस ने 14 मोबाइल फोन और दो लैपटॉप जब्त किए हैं। जब्त मोबाइलों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है कि वे किन मामलों से संबंधित हैं।

पुलिस ने पांच आरोपित किए गिरफ्तार

पुलिस ने शहजाद अली उर्फ भिंडी (32), गौरव मझखंड (26), कृष दीप (20), ओडिशा निवासी भोदेव मेहर (20) और राजस्थान के कोटा निवासी आकाश परेटा (27) को गिरफ्तार किया है।

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