
रायपुर । प्रदेश में प्राकृतिक आपदा में मकानों के नुकसान पर अब अधिक मुआवजा मिलेगा। राज्य सरकार ने इसके लिए राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के परिशिष्ट-एक (तीन) में राज्य आपदा मोचन निधि तथा राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि से दी जाने वाली आर्थिक सहायता के मापदंडों में संशोधन किया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी कलेक्टरों को इस संबंध में परिपत्र जारी किया है। परिपत्र के साथ उन्हें क्षतिपूर्ति की संशोधित राशि की तालिका भी भेजी गई है। इसके अंतर्गत किसी भी प्राकृतिक आपदा में पक्के मकान के पूर्ण रूप से नष्ट होने पर वर्तमान में 70 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति का प्रावधान है, जिसे बढ़ाकर आईएपी के जिलों सहित पहाड़ी इलाकों में 75 हजार रुपए कर दिया गया है। कच्चे मकान के पूर्णतः नुकसान पर वर्तमान में 15 हजार रुपए प्रति मकान क्षतिपूर्ति का प्रावधान है, जिसे बढ़ाकर 17 हजार 600 रुपए प्रति मकान कर दिया गया है। आंशिक क्षतिपूर्ति के तहत पक्के मकानों के नुकसान पर दी जाने वाली छह हजार 300 रुपए प्रति मकान सहायता राशि बढ़ाकर 12 हजार 600 रुपए कर दी गई है। कच्चे मकान की आंशिक क्षति होने पर अब तक 3200 रुपए के हिसाब से क्षतिपूर्ति देने का प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर 3800 रुपए कर दिया गया है। साधारण क्षति के अंतर्गत कच्चे और पक्के दोनों तरह के मकानों के 15 प्रतिशत नुकसान होने पर प्रति मकान 1900 रुपए का प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर अब पक्के मकान के के लिए 3800 रुपए और कच्चे मकान के लिए 2300 रुपए कर दिया गया है। झोपड़ी के पूर्णतः नष्ट होने पर 2500 रुपए के स्थान पर तीन हजार रुपए क्षतिपूर्ति दी जाएगी। किसी भी मकान से लगे पशु गृह की क्षति होने पर 1250 की जगह अब 1500 रुपए प्रति शेड मिलेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।