• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • दिवाली पूजन 2026
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

नईदुनिया फोरम: पहले 50 किलोमीटर चलकर वनोपज के बदले नमक लेते थे ग्रामीण, हमने कहा वनोपज मत दो नमक हम देंगे

नईदुनिया फोरम के रजत जयंती वर्ष के अंतर्गत आज रायपुर में विकसित छत्तीसगढ़ के रोडमैप पर मंथन हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह समेत कई दिग्गज हस्तियां राज्य के चहुंमुखी विकास, कृषि, उद्योग और सुशासन पर अपने विचार साझा करेंगी।

By Digital DeskEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Tue, 04 Aug 2026 08:26:37 AM (IST)Updated Date: Tue, 04 Aug 2026 05:45:26 PM (IST)
  • को पसंदीदा स्रोत बनाएं preferred source google
नईदुनिया फोरम: पहले 50 किलोमीटर चलकर वनोपज के बदले नमक लेते थे ग्रामीण, हमने कहा वनोपज मत दो नमक हम देंगे
नईदुनिया फोरम का विजुअल। नईदुनिया

HighLights

  1. नईदुनिया फोरम में बोले विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह
  2. छह सत्रों वाले विचारोत्तेजक फोरम का हुआ शुभारंभ
  3. सुशासन की प्राथमिकताओं पर बोले पूर्व मुख्यमंत्री

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। नईदुनिया फोरम के पहले सत्र का आरंभ करते हुए विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पहले नमक लेने के लिए ग्रामीण 50 किलोमीटर चलकर अपनी वनोपज बदलकर नमक लेता था। हमने लोगों को समझाया कि वनोपज मत दो नमक हम देंगे। इस कदम के जरिए राज्य सरकार ने विकास कार्यों को आगे बढ़ाया। सिस्टम तैयार करने के लिए एक एक कदम आगे बढ़े। वे राज्य के समेकित विकास और सुशासन की प्राथमिकता विषय पर अपने विचार रख रहे थे।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ निर्माण की यात्रा और उस यात्रा के समय में कैसी परिस्थिति थी, प्रसव काल कैसा था, यह सभी को पता है लेकिन सभी के मन में उल्लास था। अच्छे सृजन के लिए सब उल्लासित थे। उस समय तीन नए राज्य बने। अटल जी का सुशासन था कि कहीं कोई परेशानी नहीं आई। उस समय छत्तीसगढ़ की परेशानी पलायन थी, नक्सलवाद सामने था। जब 2003 में मुख्यमंत्री बना था तब से लेकर आज तक कि यात्रा को पलटकर देखता हूं तो इन समस्याओं पर चरणबध्द तरीके से काम हुआ पाता हूं। कुपोषण,पलायन बड़ी समस्या थी। छग धान का कटोरा है लेकिन यहां का निवासी भूखा सोता था, हमने कानून बनाकर उस पर काम किया।


naidunia_image

शुरुआत मां सरस्वती तथा नईदुनिया एवं जागरण समूह के पितृ पुरुषों के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए डॉ. रमन सिंह

naidunia_image

https://www.facebook.com/share/v/1DZGcZTf5K/

2030 तक हर पंचायत जुड़ेगी सहकारिता से

नईदुनिया फोरम के दूसरे सत्र में वन व सहकारिता मंत्री केदार कश्यप और पूर्व मंत्री व कांग्रेस नेता धनेंद्र साहू ने कृषि में सहकारिता व पर्यावरणीय विकास: दिशा और दृष्टि विषय पर अपनी बात कही। केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर में सड़कें बन चुकी हैं और नक्सलियों का गढ़ कहा जाने वाला अबूझमाड़ अब शिक्षा के हब के रूप में पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार किसानों को बिना ब्याज के कृषि लोन दे रही है और 2030 तक हर पंचायत को सहकारिता से जोड़ने की व्यापक कार्ययोजना पर काम चल रहा है। धान खरीदी पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ इकलौता राज्य है जो 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रहा है।

अजीत जोगी ने की समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत

दूसरी ओर, पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू ने कहा कि वर्ष 2000 में नए राज्य के गठन के समय कई चुनौतियां थीं, लेकिन पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने विकास का खाका खींचा और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत की। उन्होंने जोर देकर कहा कि कृषि भूमि का गैर-कृषि कार्यों में उपयोग रोकने के लिए भूमि सुधार कानून सख्ती से लागू होने चाहिए।

नईदुनिया फोरम के तीसरे सत्र "कृषि विभाग छत्तीसगढ़ की शान: नवाचारी किसान" में वक्ताओं ने कृषि, पशुपालन और नवाचार पर अपने विचार साझा किए......

कामधेनु विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राम रण विजय सिंह ने विचार साझा करते हुए कहा पशुपालन को खेती का अभिन्न हिस्सा बताते हुए कहा कि बीते दशक में इस पर काफी काम हुआ है और अब लोग इसका कृषि में बड़ा योगदान समझने लगे हैं।

गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अश्वनी दीक्षित ने विचार साझा करते हुए कहा — कटघोरा के जंगलों में प्रचुर पुदीने का उदाहरण देते हुए कहा कि स्थानीय निवासियों को तेल निकालने का प्रशिक्षण देकर 16,000 रुपये तक की कमाई का जरिया बनाया गया, क्योंकि नवाचार के बिना यह क्षेत्र अधूरा है।

वहीं, आईआईटी इनक्यूबेशन सेंटर के डायरेक्टर डॉ. हुलास पाठक ने बताया कि उनका सेंटर 410 उद्यमियों को प्रशिक्षित कर चुका है, जिसमें 70% स्टार्टअप सफल हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन कृषि में यूनिकॉर्न स्टार्टअप की जरूरत है। तकनीक को लैब से निकालकर मैदान तक ले जाना होगा और कीटनाशकों से मुक्ति पाकर जैविक खेती को बढ़ावा देना होगा।

naidunia_image

मिर्जापुर वेबसीरीज की एक्टर श्वेता त्रिपाठी। नईदुनिया

प्रयास करते रहें दरवाजे खुलें न खुलें खिड़कियां जरूर खुलेंगी- श्वेता त्रिपाठी

मिर्जापुर वेबसीरीज में गोलू गुप्ता का किरदार निभा कर दर्शकों का दिल जीत चुकीं श्वेता त्रिपाठी ने नईदुनिया फोरम के चौथे सत्र में दिल खोल कर दिल की बातें की। उन्होंने युवाओं को मोटिवेट करते हुए कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में जो युवा आना चाहते हैं डरना छोड़िए, डर के आगे जीत है। हम यदि ठान लेते हैं तो फिर राह आसान हो जाती है। प्रयास करेंगे तो दरवाजे खुले ना खुले खिड़कियां खुल जाएंगी।

मन लगाकर काम करें

जब उनसे पूछा गया कि गोलू गुप्ता के किरदार को कैसे निभाया तो उन्होंने कहा कि लड़कियों को बहुत सारे कलेक्टर मे ढाल दिया जाता है। अच्छी लडकियों से अपेक्षाएं बहुत होती है। अलग बैकग्राउंड से आने वाली लड़कियों के लिए नए क्षेत्र की चुनौतियां भी होती है। जो काम आप करना चाहते हैं उसके लिए पूरे मन से प्रयास करें। चुने और उसके बाद उस दिशा मे जुट जाएं।

ओटीटी ने सिनेमा में रंग भरे

ओटीटी आने के बाद सिनेमा में आए बदलाव पर उन्होंने कहा कि इस माध्यम से सिनेमा के रंग और निखरा है। ओटीटी ने लड़कियों के रंग को उभारा है। फ़िल्मों में आने के लिए क्या थियेटर का अनुभव जरूरी है। इसपर श्वेता त्रिपाठी ने कहा कि आज के दौर में भी थियेटर में लाइव एक्सपीरियंस मिलता है जो अनुभव संसार बढ़ाता है।

हर किरदार को जीता है एक्टर

श्वेता त्रिपाठी कहती हैं एक्टर होना दुआ का काम है। एक जिंदगी में एक्टर कितने किरदार निभाता है। हम सिर्फ उनकी वेषभूषा नहीं पहनते बल्कि उसे जीते भी हैं। किरदार मुझसे जितना अलग होंगे उतना ज्यादा मजा आएगा. क्योंकि मेरी जिन्दगी तो मैं जी रहीं हूं। किरदार के माध्यम से मैं उतनी सारी जिंदगियां जी लेती हूं। मैं उनसे मिलती हूं उन्हें अपना रोल मॉडल मान लेती हूं। उनसे सीखने का मौका भी मिलता है। जब भी मौका मिले अपने आप पर मेहनत करें। माइंडसेट क्लियर होना बहुत आवश्यक है।

कार्यक्रम की रूपरेखा -

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नईदुनिया फोरम में विकसित छत्तीसगढ़ पर अपनी दृष्टि रखेंगे। विकसित प्रदेश के भविष्य और चुनौतियों पर उनकी दृष्टि आने वाले समय के लिए मार्गदर्शिका बनेगी।

नए विचार, नई दिशा, नया स्वरूप रजत जयंती वर्ष के संकल्प को दिशा और दृष्टि देने के लिए फोरम में समग्र विकास पर मंथन होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय चर्चा का नेतृत्व संभालेंगे, जो कि अपने विजन दृष्टि से राज्य के चहुमुखी विकास का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

नईदुनिया फोरम में दिनभर चलने वाले छह विभिन्न बौद्धिक सत्रों में राजनीति, प्रशासन, कृषि, उद्योग और सिनेमा जगत की दिग्गज हस्तियां छत्तीसगढ़ के चहुंमुखी विकास पर अपनी दृष्टि साझा करेंगी।

रजत जयंती वर्ष के संकल्प से तय होगी भविष्य की दिशा

छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण का रजत जयंती वर्ष (25वां वर्ष) ऐतिहासिक उपलब्धियों और उज्ज्वल संकल्पों का गवाह बन चुका है। एक नवंबर 2000 को देश के मानचित्र पर उभरे छत्तीसगढ़ ने अपनी दो दशक से अधिक की विकास यात्रा में प्रगति और सामाजिक न्याय के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। प्राकृतिक संसाधनों, आदिवासी वैभव और कृषि प्रधान संस्कृति से समृद्ध इस राज्य ने प्रशासनिक पारदर्शिता और सुशासन के क्षेत्र में मिसाल कायम की है।

पांच हजार करोड़ का बजट पहुंचा 1.72 लाख करोड़ तक

ई-गवर्नेंस, आनलाइन सेवाओं, जनदर्शन और समयबद्ध सेवा गारंटी जैसी पहलों ने सत्ता को सीधे जनता के द्वार तक पहुंचाया है। विकास का यह पैमाना राज्य के वित्तीय आधार में स्पष्ट दिखता है। जहां राज्य का शुरुआती बजट महज 5,000 करोड़ रुपये का था, वहीं आज यह विशाल आकार लेते हुए 1.72 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है। फोरम में इन्हीं सफलताओं को रेखांकित करते हुए भावी विकास की नींव रखी जाएगी।

एक क्लिक पर पढ़ें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की लेटेस्ट खबरें। Hindi News पढ़ें। MP News, Chhattisgarh news, आज का राशिफल और आज का मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पढ़ें।