
दीपेन्द्र सोनी नईदुनिया, रायपुर। शारदीय नवरात्र के पावन पर्व के साथ ही राजधानी रायपुर के बाजारों में आस्था के बीच महंगाई का असर साफ दिखाई दे रहा है। व्रत के लिए फलों और देवी पूजन के लिए फूलों की मांग अचानक बढ़ने से इनके खुदरा भाव में 20 से 100 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। वहीं हरी सब्जियों के दाम चढ़ने से आम दिनों की रसोई का बजट भी गड़बड़ा गया है। यदि आप नवरात्र के दौरान बाजार में खरीदारी की योजना बना रहे हैं, तो खरीदारी से पहले फल, फूल और सब्जियों का यह ताजा रेट कार्ड जरूर देख लें।
व्रत के फल: सेव 250 तक पहुंचा, सिंघाड़ा और नारियल पानी भी चढ़े
नवरात्र में फलाहार की मांग बढ़ते ही फलों के दाम में 20 से 40 रुपये प्रति किलो तक की तेजी आई है।
सेव: 160 से 250 रुपये प्रति किलो
अनार व संतरा: 160 से 200 रुपये प्रति किलो
सीताफल व अमरूद (जाम): 150 से 180 रुपये प्रति किलो
केला: 50 से 80 रुपये प्रति दर्जन
ड्रैगन फ्रूट: 160 से 200 रुपये प्रति किलो
नारियल पानी: 70 से 120 रुपये प्रति नग
सिंघाड़ा व कांदा: सिंघाड़ा 100 से 150 रुपये और कांदा 50 से 80 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।
पूजा के फूल: बाहरी आवक वाले फूल महंगे, गेंदा अभी भी किफायती
फूल चौक के कारोबारियों के अनुसार नागपुर और कोलकाता से आने वाले फूलों की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। आर्किड 400 रुपये किलो और गुलाब 200 रुपये किलो तक बिक रहा है। सामान्य दिनों में 50-60 रुपये में मिलने वाली पूजा की माला अब 90 से 100 रुपये में मिल रही है। मां दुर्गा के चरणों में अर्पित होने वाला एक कमल फूल 20 से 30 रुपये में मिल रहा है। हालांकि, स्थानीय बाड़ियों और अंबिकापुर से आने वाला गेंदा फूल 80 से 100 रुपये किलो के स्थिर दाम पर उपलब्ध है, जो पूजा के लिए किफायती विकल्प है।
डूमरतराई थोक बाजार के अनुसार सब्जियों में मुनगा (सहजन) 120 से 150 रुपये प्रति किलो के साथ सबसे महंगा है। हरी धनिया 150 से 160 रुपये, फूलगोभी, भिंडी, करेला और परवल 70 से 80 रुपये किलो हैं। फलाहार के लिए खीरे की मांग बढ़ने से इसका भाव 40 से 60 रुपये किलो पहुंच गया है। उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात सिर्फ यह है कि आलू 20 रुपये और प्याज घटकर 50 रुपये प्रति किलो पर आ गया है। कारोबारियों का अनुमान है कि नवरात्र के पूरे नौ दिनों तक मांग मजबूत रहने के कारण दामों में नरमी आने की संभावना कम है।