यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 03, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
NEET Exam Raipur Students: तैयारियों के साथ टेस्ट पर फोकस, हर गलतियों से सीखा तब मिली सफलता
NEET Exam Raipur Students: नीट परीक्षा में देशभर में अच्छे अंक लाने वाले राज्य भावी डाक्टरोें ने बताए सफलता के राज।
By Kadir KhanEdited By: Kadir Khan
Publish Date: Wed, 03 Nov 2021 09:05:00 AM (IST)Updated Date: Wed, 03 Nov 2021 09:05:12 AM (IST)

रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) 2021 में प्रदेश के 40 हजार समेत देशभर के 16 लाख छात्रों ने परीक्षाएं दीं। इसमें से 8.70 लाख से अधिक छात्रों ने पात्रता हासिल की है। डाक्टर के लिए मेडिकल कालेज में प्रवेश का सपना उन्हीं का पूरा होता है, जो लक्ष्य तय पढ़ाई मन लगाकर ना सिर्फ पढ़ाई करते हैं। गलतियों को सुधारकर आगे बढ़ते हैं। ऐसे ही छात्रों से हम आपको रूबरू करा रहे, जिन्होंने नीट की परीक्षा में प्रदेश में अच्छे अंक हासिल किए हैं।
1. 200 परीक्षाएं दीं, जिसमें नंबर कम आते उसपर था फोकस : शिवांक
रायपुर महादेवघाट सत्यम विहार निवासी शिवांस पटेल ने बताया कि नीट में देशभर में उन्हें 143वां रैंक हासिल हुआ है, जो नीट 2021 के परिणाम में राज्य में सर्वाधिक है। उन्होंने बताया कि 10वीं के बाद से ही चिकित्सक बनने के लिए तैयारियां शुरू कर दी थी। हर दिन 10 से 12 घंटे की पढ़ाई करता। कोरोना के समय स्कूल नहीं लगे। इसलिए घर पर और कोचिंग सेंटर के माध्यम से आनलाइन पढ़ाई की। नीट परीक्षा से पहले सात माह में 200 टेस्ट दिए। इसमें जो भी गलतियां होती या कम नंबर आते। उसे सुधारकर फिर आगे बढ़ जाता था।
2. इंटरनेट मीडिया से रहा, दूर 14 घंटे रह रोज पढ़ाई : मोहनीश
देशभर में रैंक 548 लाने वाले रायपुर मोवा निवासी मोहनीश वर्मा ने बताया कि माता-पिता दोनों ही डाक्टर हैं। इसलिए घर में महौल मिला। हर दिन 12 से 14 घंटे की पढ़ाई दिनचर्या में शामिल था। तैयारियां शुरू करने के बाद इंटरनेट मीडिया का उपयोग नहीं करता था, फोन का उपयोग जरूरत पड़ने पर ही करता था। इसके साथ आनलाइन स्टडी पर फोकस रहा।
3. जेईई व नीट दोनों क्लीयल, बनना है डाक्टर : सान्वी
शंकर नगर रायपुर निवासी सान्वी श्रीवास्तव ने बताया कि 720 में 658 नंबर आएहैं। आल इंडिया रैंक 2908 आया है। जेईई में भी 95 परसेंटाइल आए थे। मैंने मैथ्स और बायो दोनों ही लेकर पढ़ाई की। पापा इंजीनियर हैं, इसलिए थोड़ा झुकाव तो था, लेकिन मैं डाक्टर ही बनना चाहती थी। करीब छह से सात घंटे की पढ़ाई, खुद की कमजोरियों पर हमेशा फोकस रहता था।
4. कठिन सवालों की बनाई लिस्ट : विशाखा
राजेंद्र नगर, रायपुर निवासी विशाखा विजकुमार ने बताया कि नीट में 720 में 650 अंक मिले हैं। वहीं आल इंडिया रैंक 4144 है। नीट की तैयारियां शुरू की तो कई ऐसे सवाल थे, जो काफी कठिन थे, उनकी लिस्ट बनाकर फोकस किया। छह से सात घंटे हर रोज पढ़ती। माक टेस्ट पर ज्यादा ध्यान रहता। कोचिंग की पढ़ाई से पैटर्न समझने में मदद मिली।