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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अब जनता कहां जाए... रायपुर में बिजली विभाग की लापरवाही ने लोगों को दी टेंशन, चार गुना ज्यादा आ रहा बिल

Raipur News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बिजली विभाग ने लोगों को टेंशन दे रखी है, जहां उनकी लापरवाही की वजह से बिजली बिल चार गुना अधिक तक आ रहा है...और पढ़ें

By Mohan KumarEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Tue, 01 Jul 2025 12:48:28 PM (IST)Updated Date: Tue, 01 Jul 2025 12:48:28 PM (IST)
अब जनता कहां जाए... रायपुर में बिजली विभाग की लापरवाही ने लोगों को दी टेंशन, चार गुना ज्यादा आ रहा बिल
रायपुर में चार गुना ज्यादा आ रहा बिल

HighLights

  1. रायपुर में बिजली विभाग ने दी लोगों को टेंशन
  2. लोगों के चार गुना ज्यादा आ रहे बिजली बिल
  3. राजधानी में लगाए जा रहे हैं नए डिजिटल मीटर

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: राजधानी में बिजली विभाग की लापरवाही के चलते उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विभाग द्वारा शहर में पुराने बिजली मीटरों को बदलकर नए डिजिटल मीटर लगाए जा रहे हैं, लेकिन इस प्रक्रिया में गंभीर लापरवाहियां सामने आ रही हैं। दरअसल, मीटर बदलने की जिम्मेदारी जिस अनुबंधित एजेंसी को सौंपी गई है, वह पुराने मीटर की अंतिम रीडिंग को समय पर अपडेट नहीं कर रही है। इसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है, क्योंकि बिजली विभाग के कर्मचारी ऐसे मामलों में अनुमानित (अंदाजे पर आधारित) बिल बनाकर उपभोक्ताओं को भेज रहे हैं।

वहीं जब अगली बार वास्तविक रीडिंग के आधार पर बिल जनरेट किया जाता है, तो उसमें करीब 50 से 55 दिन की खपत जोड़ दी जाती है। इससे उपभोक्ताओं को 400 यूनिट तक की हाफ बिजली बिल योजना का लाभ नहीं मिल पाता और उन्हें दो महीने का संयुक्त बिल थमा दिया जाता है, जिसकी राशि 1,500 से 2,000 रुपये तक पहुंच रही है।


चार गुना अधिक आ रहा बिजली बिल

कई उपभोक्ता जिनका बिजली बिल पहले सामान्य तौर पर 300 से 400 रुपये के बीच आता था, अब उन्हें चार गुना तक अधिक राशि चुकानी पड़ रही है। इससे निम्न और मध्यम वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इतना ही नहीं, उपभोक्ताओं द्वारा नए मीटरों में अधिक रीडिंग आने की शिकायतें भी तेजी से बढ़ रही हैं।

कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि पुराने मीटर के समय उनका मासिक बिल 400 से 500 रुपये आता था, जबकि नए मीटर लगने के बाद बिल 800 से 900 रुपये तक पहुंच गया है। इस विसंगति को लेकर कई लोगों ने बिजली विभाग से शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।

बिना तैयारी बदल रहे मीटर

राजधानी के उपभोक्ताओं ने बताया कि बिजली विभाग बिना सूचना के मीटर बदल देता है और न ही पुरानी रीडिंग की रसीद उपभोक्ता को दी जाती है, जिससे उन्हें यह समझने में मुश्किल होती है कि किस आधार पर बिल तैयार किया गया है। बिजली विभाग की इस लापरवाही से नागरिकों में नाराजगी है।

लोगों ने मांग की है कि बिजली विभाग पारदर्शी प्रक्रिया अपनाए, पुराने मीटर की अंतिम रीडिंग का प्रमाण उपभोक्ताओं को दे और दो माह के बिल को एक साथ थोपने के बजाय मासिक बिल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, अनुबंधित एजेंसी की जवाबदेही तय कर उस पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में उपभोक्ताओं को इस प्रकार की परेशानी न हो।