• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

पीएम सूर्यघर योजना: इस बार के बिल में शून्य हुई यूनिट तो घबराइए मत, अगले बिल में दिखेगा क्रेडिट

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत रूफटॉप सोलर लगाने वाले उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सरप्लस बिजली की दरे...और पढ़ें

By Paritosh DubeyEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Mon, 29 Jun 2026 10:48:27 AM (IST)Updated Date: Mon, 29 Jun 2026 10:50:02 AM (IST)
पीएम सूर्यघर योजना: इस बार के बिल में शून्य हुई यूनिट तो घबराइए मत, अगले बिल में दिखेगा क्रेडिट
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का प्रतीकात्मक विजुअल।अर्काइव

HighLights

  1. पीएम सूर्यघर योजना के उपभोक्ताओं को अतिरिक्त सोलर बिजली का पैसा मिलेगा
  2. वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सरप्लस बिजली की खरीद दर नियामक आयोग ने की तय
  3. उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में यूनिट का मूल्य क्रेडिट के रूप में समायोजित होगा

राज्य ब्यूरो,नईदुनिया,रायपुर। आपने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटाप सोलर संयंत्र लगाया है। इस बार के बिल में सरप्लस बिजली की यूनिटें नहीं दिखाई दे रही हैं तो ऐसे उपभोक्ताओं के लिए यह राहत भरी खबर है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ग्रिड में भेजी गई अतिरिक्त (सरप्लस) सोलर बिजली की खरीद दर सोलर एनर्जी कारपोरेशन आफ इंडिया (सेकी) ने तय कर दी है।

स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने इस दर को अपनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और अनुमोदन के लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसइआरसी) को प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही उपभोक्ताओं को अधिशेष बिजली का भुगतान आगामी बिजली बिलों में क्रेडिट के रूप में दिखाई देगा।


ग्रिड में गई बिजली उपभोक्ता के खाते में होती है दर्ज

स्टेट पावर कंपनी के उपमहाप्रबंधक (जनसंपर्क) के अनुसार नेट मीटरिंग व्यवस्था में सोलर संयंत्र से उत्पादित बिजली का पहले उपभोक्ता की मासिक खपत से समायोजन किया जाता है। यदि इसके बाद भी बिजली बचती है और ग्रिड में जाती है, तो उसकी यूनिट उपभोक्ता के खाते में दर्ज होती रहती है। वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर खाते में बची सभी अतिरिक्त यूनिट का निर्धारित बायबैक दर पर मूल्यांकन किया जाता है। इसकी राशि उपभोक्ता के खाते में जमा कर आगामी बिजली बिलों में समायोजित कर दी जाती है।

नया साल शून्य से शुरू

नए वित्तीय वर्ष में यूनिट का लेखा-जोखा फिर से शून्य से शुरू होता है, इसलिए पिछले वर्ष की बची यूनिट नए बिल में यूनिट के रूप में नहीं दिखाई देती, बल्कि उसका मूल्य क्रेडिट के रूप में समायोजित किया जाता है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अधिशेष बिजली के समायोजन और बायबैक की पूरी प्रक्रिया छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के प्रचलित नियमों के अनुसार पारदर्शी ढंग से संचालित की जाती है।

ऐसे मिलेगा अतिरिक्त सोलर बिजली का लाभ

सोलर संयंत्र से बनी बिजली का पहले घरेलू खपत में उपयोग होगा, जबकि बची बिजली ग्रिड में जाने पर उसकी यूनिट उपभोक्ता के खाते में जुड़ती रहेगी। वित्तीय वर्ष के अंत में इन अतिरिक्त यूनिट का निर्धारित दर पर बायबैक होगा और राशि आगामी बिजली बिलों में क्रेडिट के रूप में समायोजित की जाएगी। वर्ष 2025-26 की बायबैक दर सेकी तय कर चुकी है।