Ladies Coach में घुसे तो 2,500 और Reserved बोगी में बिना रिजर्वेशन पर 2000 का जुर्माना, आरपीएफ भी काट सकेगा चालान
जन विश्वास अधिनियम 2026 के अंतर्गत रेल अधिनियम 1989 में बड़ा संशोधन किया गया है। अब टिकट धोखाधड़ी, अनधिकृत प्रवेश और अन्य छोटे अपराधों को आपराधिक मुकद...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 14 Jul 2026 09:55:43 AM (IST)Updated Date: Tue, 14 Jul 2026 10:00:28 AM (IST)
रेलवे सेवा की प्रतीकात्मक तस्वीर। अर्काइवHighLights
- कई छोटे अपराधों को आपराधिक मुकदमे की श्रेणी से हटाकर मौद्रिक दंड में बदला
- मौके पर जुर्माना भरकर अदालती कार्यवाही से बचाव, आदतन अपराधों के लिए कड़ाई
- कानूनी प्रक्रिया में बदलाव कर रेल अधिनियम की धारा 158 और 176 को हटाया गया
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। रेलवे सुरक्षा बल और पूर्व तट रेलवे द्वारा आम यात्रियों की जागरूकता के लिए जन विश्वास अधिनियम 2026 के तहत रेल अधिनियम, 1989 में किए गए प्रमुख बदलावों को जारी किया गया है। नए संशोधनों के तहत यात्रियों की सुविधा और सुगम न्याय व्यवस्था के लिए कई छोटे अपराधों को आपराधिक मुकदमे की श्रेणी से हटाकर अब केवल मौद्रिक दंड के दायरे में लाया गया है।
संशोधित नियमों के अनुसार, यदि कोई आरोपित मौके पर ही जुर्माने का भुगतान कर देता है, तो वह अदालत जाने से बच सकता है। हालांकि दंड न देने की स्थिति में मामले का निपटारा सक्षम न्यायालय द्वारा किया जाएगा। साथ ही बार-बार अपराध दोहराने पर कारावास सहित कठोर दंड का प्रविधान यथावत रहेगा। नए संशोधन के तहत रेल अधिनियम की धारा 158 और 176 को पूरी तरह हटा दिया गया है। वहीं इनसे जुड़े संशोधित उपबंधों को अब धारा 179 के अंतर्गत समाहित किया गया है।
धोखाधड़ी एवं टिकट संबंधी अपराध
- बिना या फर्जी टिकट यात्रा (धारा 137): तय भाड़ा अतिरिक्त शुल्क (न्यूनतम 500)।
- अनधिकृत दूरी तक यात्रा (धारा 138): अतिरिक्त शुल्क (न्यूनतम 500)।
- ट्रांसफर टिकट पर यात्रा (धारा 142): तय भाड़ा अतिरिक्त शुल्क (न्यूनतम 500)।
भीख मांगी तो दो हजार, शराब पीने पर एक हजार
- बिना लाइसेंस फेरी/बिक्री या भीख मांगना (धारा 144): 2,000 का जुर्माना।
- शराब पीना, उपद्रव या अश्लील भाषा (धारा 145): 1,000 तक का जुर्माना या सामुदायिक सेवा।
- रेलवे सेवक के कार्य में बाधा डालना (धारा 146): 2,500 तक का जुर्माना।
- रेलवे परिसर में अनधिकृत प्रवेश (धारा 147): 500 का जुर्माना।
आरक्षित काेच में अनुचित प्रवेश पर दो हजार
- आरक्षित डिब्बे में अनुचित प्रवेश (धारा 155(1)): 2,000 का जुर्माना।
- आरक्षित सीट या बर्थ खाली न करना (धारा 155(2)): 1,000 का जुर्माना।
- रेलवे ट्रैफिक निर्देशों की अवहेलना (धारा 159): 500 का जुर्माना।
- महिला कोच में पुरुष का प्रवेश (धारा 162): 2,500 का भारी जुर्माना।
खतरनाक माल ले जाने पर दस हजार
- बिना घोषित/गलत माल ले जाना (धारा 163): सरकार द्वारा अधिसूचित दंड।
- खतरनाक या निषिद्ध वस्तुएं ले जाना (धारा 165): न्यूनतम 10,000 का जुर्माना।
- रेलवे संपत्ति या नोटिस बोर्ड खराब करना (धारा 166): 2,000 का जुर्माना (प्रथम अपराध पर)।
- ट्रेन में धूम्रपान करना (धारा 167): 2,000 का जुर्माना।