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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

छत्तीसगढ़ में 32 दिन बाद एनएचएम कर्मियों ने खत्म की हड़ताल, सरकार ने मानी 3 मांगें

छत्तीसगढ़ में पिछले 32 दिनों से जारी एनएचएम कर्मचारियों का हड़ताल शुक्रवार को मुख्यमंत्री से मिलने के बाद समाप्त हो गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने संविदा...और पढ़ें

By Abhishek RaiEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Sat, 20 Sep 2025 10:23:09 AM (IST)Updated Date: Sat, 20 Sep 2025 10:37:06 AM (IST)
छत्तीसगढ़ में 32 दिन बाद एनएचएम कर्मियों ने खत्म की हड़ताल, सरकार ने मानी 3 मांगें
32 दिन बाद खत्म हुआ एनएचएम कर्मियों का हड़ताल

HighLights

  1. स्वास्थ्य मंत्री ने बर्खास्त कर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने दी थी चेतावनी
  2. दस सूत्रीय मांगों को लेकर 18 अगस्त से कर रहे थे प्रदर्शन, 3 मानी गई
  3. तीन पर कमेटी बनाई गई है और तीन पर उच्च स्तर पर चर्चा की जाएगी

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर: प्रदेश के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों की 18 अगस्त से चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल स्थगित हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की ओर से नौकरी पर नहीं लौटने पर सोमवार से नई भर्ती किए जाने की चेतावनी के बाद हड़ताली कर्मचारियों ने उनसे और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से देर शाम मुलाकात के बाद हड़ताल स्थगित करने की घोषणा की।

कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कर्मचारियों के 10 में से चार मांगें पूरी की जा चुकी है। तीन पर कमेटी बनाई गई है और तीन पर उच्च स्तर पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने शुक्रवार को दोपहर तीन बजे शंकरनगर स्थित निवास में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि एनएचएम के संविदा कर्मचारियों की हड़ताल पर उच्चस्तरीय चर्चा हुई और समाधान पर फैसला हुआ है। उन्होंने हड़ताल को समाप्त कराने के लिए चार-पांच बार पहल की थी।


एनएचएम की महाप्रबंधक डॉ. प्रियंका शुक्ला और स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने भी प्रयास किया था। हड़ताल से पहले ही अधिकांश मांगें पूरी की जा चुकी थी, अन्य पर प्रक्रिया चल रही थी। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को शाम पांच बजे तक काम पर नहीं लौटने पर कर्मचारियों को बर्खास्त कर सोमवार से भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

एनएचएम के संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अमित कुमार मिरी ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद हड़ताल स्थगित कर दी गई है। ग्रेड पे और अनुकंपा नियुक्ति पर सरकार ने आश्वासन दिया है।

काम पर लौटे तो नोटिस वापस

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि काम पर लौटने पर संविदा कर्मचारियों की जारी एक माह की नोटिस वापस ली जाएगी। वहीं, हड़ताल अवधि में जिन कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया था उनकी बहाली के लिए भी आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। कर्मचारियों की दस मांगों में सेवा के दौरान सीआर लिखने में ट्रांसपेरेंसी की मांग पूरी की गई है। मेडिकल लिव को 30 दिन करने और इंश्योरेंस की राशि को 10 लाख किया गया है। संविदा कर्मचारियों के वेतन में 22 प्रतिशत की वृद्धि पहले ही की जा चुकी और पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी की प्रकिया जारी है, जो हर वर्ष की जाती है।

ये थी कर्मचारियों की मांगें

एनएचएम अधिकारियों व कर्मचारियों की संविलियन व स्थायीकरण, पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना, ग्रेड पे का निर्धारण, कार्य मूल्यांकन व्यवस्था में पारदर्शिता, लंबित 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि, नियमित भर्ती में सीटों का आरक्षण, अनुकंपा नियुक्ति, मेडिकल व अन्य अवकाश की सुविधा, स्थानांतरण नीति और न्यूनतम 10 लाख कैशलेस चिकित्सा बीमा।