
नईदुनिया एक्सक्लूसिव, रायपुर । प्रदेश के नगरीय निकायों में चुनाव के पहले निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और अनियमितता पर अंकुश लगाने के लिए नगरीय प्रशासन विभाग कड़े कदम उठाने जा रहा है। अब नगर पालिका परिषदों व नगर पंचायतों में पदस्थ दूसरे विभाग के इंजीनियर हटाए जाएंगे और विभागीय इंजीनियरों से निर्माण कार्यों का पर्यवेक्षण कराया जाएगा। ऐसा नहीं करने पर संबंधित नगरीय निकाय के मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को निलंबित कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक डॉ. रोहित यादव ने इस संबंध में सभी मुख्य नगरपालिका अधिकारियों और क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों को इस आदेश का कड़ाई से पालन कराने कहा है।
बताया गया है कि कई नगर पालिका परिषदों व नगर पंचायतों में पदस्थ विभागीय अभियंताओं से कार्य नहीं कराते हुए स्थानीय स्तर पर अन्य दूसरे विभागों के अभियंताओं से निर्माण कार्यों का पर्यवेक्षण कराया जा रहा है। इसके चलते निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर प्रभाव पड़ रहा है और लगातार गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही हैं। नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक इस पर गहरी नाराजगी जाहिर की है और इस स्थिति को उचित नहीं माना है।
नगरीय प्रशासन संचालक ने कहा है कि वर्तमान में सभी नगरीय निकायों में विभाग के उप अभियंता पदस्थ किए गए हैं या समीपस्थ नगरीय निकायों से संलग्नीकरण के माध्यम से अभियंताओं की सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अन्य विभागों के अभियंताओं को विभागीय प्रक्रियाओं, भवन अनुज्ञा, कॉलोनी अनुमति व अन्य अधिनियम-नियमों की जानकारी नहीं रहती है और उनके द्वारा अनियमितता किए जाने की स्थिति में विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी अत्यधिक लंबी होने के कारण त्वरित कार्रवाई किया जाना संभव नहीं है। इस स्थिति को देखते हुए नगरीय प्रशासन संचालक ने नगरपालिका परिषदों व नगर पंचायतों में अन्य विभागों के अभियंताओं को निर्माण कार्य के पर्यवेक्षण में पदस्थ नहीं किए जाने की हिदायत दी है। साथ ही मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि यदि किसी निकाय में इस प्रकार की स्थिति है तो तत्काल अन्य विभागों के कार्यरत अभियंताओं को कार्यमुक्त कर विभाग के अभियंताओं को कार्यभार सौंप जाए। अन्यथा संबंधित मुख्य नगरपालिका अधिकारी को निलंबित कर उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
एक हफ्ते में रिपोर्ट मांगी
नगरीय प्रशासन संचालक ने निकाय में उप अभियंता उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में क्षेत्रीय संयुक्त संचालक को समीपस्थ निकाय के उप अभियंता के संलग्नीकरण का प्रस्ताव तीन दिन के भीतर भेजने कहा है। सभी विभागीय संयुक्त संचालकों द्वारा तीन दिन में इस आशय के संलग्नीकरण के लिए आदेश जारी किया जाएगा। सभी क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों को अपने प्रभार वालो निकायों में एक सप्ताह के भीतर इस आदेश का कड़ाई से पालन कराने और प्रतिवेदन देने कहा गया है।