• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 25, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

छत्तीसगढ़ की मशहूर लोकगायिका ममता चंद्राकर को पद्मश्री

छत्तीसगढ़ की मशहूर लोकगायिका ममता चंद्राकर को भारत सरकार ने पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा है।

By Edited By:
Publish Date: Mon, 25 Jan 2016 09:14:38 PM (IST)Updated Date: Tue, 26 Jan 2016 12:49:28 PM (IST)
छत्तीसगढ़ की मशहूर लोकगायिका ममता चंद्राकर को पद्मश्री

रायपुर। छत्तीसगढ़ की मशहूर लोकगायिका ममता चंद्राकर को भारत सरकार ने पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा है। कला के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ से यह नौवां पुरस्कार है। श्रीमती चंद्राकर वर्तमान में आकाशवाणी केन्द्र रायपुर में बतौर निदेशक पदस्थ हैं। वे चार दशक से ज्यादा समय से छत्तीसगढ़ी लोकगीत गा रही हैं और एक लंबे अरसे से रेडियो में ...तोर मन कइसे लागे राजा......जैसे गीत गूंज रहे हैं। उन्होंने कहा है कि यह छत्तीसगढ़ और यहां की जनता का सम्मान है।

उल्लेखनीय है कि ममता चंद्राकर लोकगीत के लिए मशहूर हैं और जब भी सुआ, गौरा गौरी, बिहाव, ददरिया कहीं बजता है तो उसमें ममता चंद्राकर के गीत जरूर सुनाई पड़ते हैं। मशहूर गायिका ममता चंद्राकर बचपन से लोकगीत गाते आ रही हैं। इसमें उनके पिता दाऊ महासिंह चंद्राकर का पूरा सहयोग रहा है और कई दशकों से छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों में रेडयो और सीडी में उनके गीत सुनाई पड़ रहे हैं। उनके पिता दाऊ महासिंह चंद्राकर भी लोककला के संरक्षक थे। छत्तीसगढ़ी फिल्मों में भी उन्होंने अपनी आवाज का जादू बिखेरा है।


छत्तीसगढ़ की इस लोक गोयिका को पद्मश्री मिलने से उनके परिवार और कला जगत में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। वैसे तो पुरस्कार मिलने की जानकारी उनको सुबह से थी। दिल्ली से सुबह ही उनको फोन पर पद्मश्री मिलने की सूचना दी गई। इसकी जानकारी मिलते ही कई कलाकार दोपहर से बधाई दे रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के अब तक इन्हें मिला पद्मश्री पुरस्कार

0 हबीब तनवीर

0 सत्यदेव दुबे

0 तीजन बाई

0 पूनाराम निषाद

0 नेलसन

0 गोविंदराम निर्मलकर

0 भारती बंधु

0 अनुज शर्मा

0 ममता चन्द्राकर