• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रायपुर में बोले पंडित धीरेंद्र शास्त्री, अधर्म के विरुद्ध आवाज उठाना ही सबसे बड़ा धर्म है

रायपुर में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि अधर्म के विरुद्ध आवाज उठाना सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने ने कथा सुनने के महत्व पर जोर दिया और कहा कि जीवन ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Sun, 05 Oct 2025 09:15:22 AM (IST)Updated Date: Sun, 05 Oct 2025 10:08:55 AM (IST)
रायपुर में बोले पंडित धीरेंद्र शास्त्री, अधर्म के विरुद्ध आवाज उठाना ही सबसे बड़ा धर्म है
भारत माता चौक से निकली शोभायात्रा में पंडित धीरेंद्र शास्त्री लोगों को अभिवादन स्वीकार करते हुए।

HighLights

  1. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- मैं किसी धर्म का विरोध नहीं करता।
  2. पाकिस्तान में जन्म होता तो बम बनाते, कथा सुनने का मौका नहीं मिलता।
  3. भगवान रामजी की कृपा के बिना सत्संग में नहीं आ सकते हैं।

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। मंदिर जाना, पूजा-पाठ करना, कथा-भागवत करना-कराना ही सिर्फ धर्म नहीं है। अधर्म के विरुद्ध आवाज उठाना ही सबसे बड़ा धर्म है। मैं हमेशा अधर्म के खिलाफ आवाज उठाता हूं। घटना चाहे प्रदेश में हो या देश में हो, अधर्म के खिलाफ टिप्पणी करता हूं। ये बातें कुछ विधर्मियों को नहीं पचती हैं, इसलिए मेरे खिलाफ कुछ न कुछ अफवाह फैलाते हैं। मैं किसी धर्म का विरोध नहीं करता।

मैं तो सिर्फ सनातन धर्म का समर्थन करता हूं। ये बातें बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कही। गुढ़ियारी स्थित अवधपुरी मैदान में शनिवार से पांच दिवसीय हनुमंत कथा की शुरुआत हुई है। मंगलाचरण करने के बाद पं. शास्त्री ने कहा कि बड़े भाग्य से मनुष्य तन मिलता है। उसमें भी भारत जैसा वतन मिला और सनातन जैसा धर्म।


कथा को आत्मा में बैठाना है महत्वपूर्ण

पाकिस्तान में जन्म होता तो बम बनाते, कथा सुनने का मौका नहीं मिलता। चीन वालों को देखो तो लगता है कि ब्रह्माजी ने सबको फोटोकापी बना दिया है। 84 लाख योनियों के बाद मनुष्य का तन मिलता है। इसको सार्थक बनाओ। सनातन धर्म में जन्म लेने के बाद भी कथा न सुन पाओ, इससे बड़ा दुर्भाग्य कुछ नहीं हो सकता है।

रामजी की कृपा के बिना सत्संग में नहीं आ सकते हैं। कथा सुनने आ गए ये महत्वपूर्ण नहीं है। इससे भी महत्वपूर्ण है कि कथा को आत्मा में बैठाना चाहिए। जीवन को ठीक करना है तो कथा सुननी चाहिए। कथा में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, आयोजक बसंत अग्रवाल आदि मौजूद रहे।