
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के 12 अक्टूबर को प्रस्तावित रायपुर प्रवास को लेकर वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनर्स संगठनों ने अपनी मांगों को उठाने की तैयारी की है। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ का प्रतिनिधिमंडल रेल मंत्री से मुलाकात कर उन्हें वरिष्ठ नागरिकों की रेल यात्रा सुविधाओं से जुड़ा 12 सूत्रीय मांग पत्र सौंपेगा। इस मुलाकात के लिए महासंघ ने रेल मंत्री कार्यालय, जिला कलेक्टर रायपुर और अपर मंडल रेल प्रबंधक (एडीआरएम) को औपचारिक ईमेल भेजकर समय निर्धारित करने का अनुरोध किया है।
महासंघ के छत्तीसगढ़ प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव ने बताया कि ज्ञापन का सर्वप्रमुख बिंदु कोरोना महामारी के दौरान बंद की गई वरिष्ठ नागरिक रेल किराया छूट को पुन: लागू करना है। पूर्व में वरिष्ठ पुरुष नागरिकों को 40 प्रतिशत और महिला वरिष्ठ नागरिकों को 50 प्रतिशत की रियायत सभी श्रेणियों के रेल टिकटों पर मिलती थी। इस छूट के समाप्त होने से देश भर के बुजुर्गों, विशेषकर सीमित पेंशन पर जीवन यापन करने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।
पेंशनर्स महासंघ ने मांग पत्र में वरिष्ठ नागरिकों के लिए ट्रेन आरक्षण में लोअर बर्थ (निचली सीट) की प्राथमिकता सुनिश्चित करने, प्रत्येक प्रमुख रेलवे स्टेशन पर निश्शुल्क व्हीलचेयर एवं कुली सहायता उपलब्ध कराने की मांग शामिल की है। बुजुर्ग यात्रियों को टिकट खिड़कियों पर लगने वाली लंबी कतारों से बचाने के लिए अलग 'वरिष्ठ नागरिक काउंटर' संचालित करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई है।
ज्ञापन में रेलवे स्टेशनों पर आपातकालीन प्राथमिक चिकित्सा केंद्र स्थापित करने तथा छत्तीसगढ़ के विभिन्न अंचलों से तीर्थ स्थलों और महानगरों के लिए सीधी रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने का आग्रह भी किया जाएगा। महासंघ का मानना है कि वरिष्ठ नागरिकों ने अपने जीवन का श्रेष्ठ समय राष्ट्र निर्माण में लगाया है, अत: रेल प्रशासन को उनकी सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक यात्रा का दायित्व निभाना चाहिए।