
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। देशभर में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर अब लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई सेक्टर पर दिखाई देने लगा है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित विभिन्न जिलों में स्थानीय ट्रांसपोर्टरों ने माल भाड़े में प्रति किलोमीटर 10 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है।
राष्ट्रीय स्तर पर संचालन करने वाले नेशनल ट्रांसपोर्टरों ने इस विषय पर अंतिम रणनीति तैयार करने के लिए आगामी रविवार को एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। छत्तीसगढ़ एसोसिएशन का साफ तौर पर कहना है कि यदि ईंधन के दामों में कटौती नहीं हुई, तो आने वाले समय में किराए में और भी ज्यादा बढ़ोतरी की जा सकती है।
डीजल की कीमतों में उछाल आने के कारण सबसे ज्यादा नुकसान बड़े आकार के मालवाहक वाहनों को उठाना पड़ रहा है। वर्तमान में 25, 30 और 35 टन की भारी क्षमता वाले ट्रकों का औसत किराया करीब 30 रुपये प्रति किलोमीटर बैठता है। हालांकि, ट्रांसपोर्टरों द्वारा प्रस्तावित नए संशोधन के लागू होते ही यह दर बढ़कर 40 रुपये प्रति किलोमीटर तक पहुंच जाएगी।
आंकड़ों के मुताबिक, 12 टन से कम क्षमता वाले छोटे मालवाहक वाहनों का मौजूदा किराया लगभग 60 रुपये प्रति किलोमीटर है, जिसके अब बढ़कर 80 रुपये प्रति किलोमीटर होने के आसार हैं। ट्रांसपोर्टरों का तर्क है कि सीमित माल क्षमता, लगातार चुकाया जाने वाला टोल टैक्स, रास्ते के फुटकर खर्चे और वापसी में खाली लौटने (एकतरफा संचालन) की मजबूरी के कारण छोटी गाड़ियों को चलाना पहले से ही काफी घाटे का सौदा साबित हो रहा था।
| रूट | कुल दूरी | वर्तमान भाड़ा | संभावित नया भाड़ा |
|---|---|---|---|
| रायपुर से जगदलपुर | 300 किमी | ₹9,000 | ₹12,000 |
| रायपुर से नागपुर | 290 किमी | ₹8,700 | ₹11,600 |
| रायपुर से भोपाल | 680 किमी | ₹20,400 | ₹27,200 |
| रायपुर से इंदौर | 870 किमी | ₹26,100 | ₹34,800 |
कीमतों में वृद्धि के साथ-साथ बाजारों में डीजल की भारी कमी ने भी ट्रांसपोर्ट सेक्टर की कमर तोड़ दी है। ईंधन की किल्लत की वजह से दूरदराज के ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में गाड़ियों की आवाजाही पर बहुत बुरा असर पड़ा है। कई प्रमुख रूटों पर वाहनों के न चलने से उद्योगों और व्यापारियों को समय पर माल की डिलीवरी देने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि पंपों पर पर्याप्त डीजल न मिलने के कारण बाजार में अचानक वाहनों की उपलब्धता घट गई है।
डीजल की उपलब्धता प्रभावित होने से ट्रांसपोर्ट संचालन पर सीधा असर पड़ रहा है। कई इलाकों में गाड़ियों की आवाजाही कम हुई है। भाड़ा दरों में संशोधन के लिए रविवार को बैठक रखी गई है।
-राघवेंद्र त्रिपाठी, प्रदेश अध्यक्ष, अखिल भारतीय ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, छत्तीसगढ़