
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) घटक के तहत प्रदेश में 7,230 नए आवासों के निर्माण को मंजूरी मिली है। राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) ने इस संबंध में प्रदेश के सभी नगर निगम आयुक्तों व नगर पालिका और नगर पंचायतों के मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। विगत माह 11,477 नए आवासों के निर्माण को मंजूरी मिली थी। केंद्र सरकार से अब तक योजना के बीएलसी घटक के तहत 55,953 आवासों के निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है।
केंद्र सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की केंद्रीय स्वीकृति व अनुश्रवण समिति (सीएसएमसी) की आठवीं बैठक छह अगस्त को हुई थी। इसमें 106 परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई थी। इन परियोजनाओं के लिए केंद्रांश के रूप में 108.45 करोड़ रुपये और राज्यांश के रूप में 72.30 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है। हितग्राही अंशदान 23.75 करोड़ रुपये रहेगा, जबकि कुल परियोजना लागत 281.24 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।
सूडा की ओर से जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि आवास निर्माण योजना के सभी कार्य केंद्र और राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किए जाएंगे। हितग्राहियों को भवन अनुज्ञा नगरीय निकायों से प्राप्त करनी होगी। साथ ही 30 से 45 वर्गमीटर कारपेट क्षेत्रफल के अनुरूप आवास निर्माण करना अनिवार्य होगा, अन्यथा योजना की राशि जारी नहीं की जाएगी। प्रदेश में योजना के तहत आवास निर्माण के लिए 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाती है।
हितग्राहियों को पीएम आवास के निर्माण के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से चार किस्तों में 2,50,000 रुपये दिया जाता है। मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना के तहत निर्माण कार्य तय समयसीमा 18 माह में पूरा करने पर हितग्राहियों को राज्य सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि के रूप में 32,850 रुपये अतिरिक्त राशि दी जाती है। पीएम आवास के हितग्राहियों को कुल 2,82,850 रुपये मिलता है। हितग्राहियों को आबंटित राशि का 70 प्रतिशत उपयोग के बाद निर्धारित प्रारूप में उपयोगिता प्रमाण पत्र देना है, जिसके बाद अगली किस्त जारी की जाएगी।
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