राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सिंगापुर दौरे और निवेश को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भाजपा का कहना है कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास, वैश्विक निवेश और रोजगार सृजन के स्वर्णिम दौर में प्रवेश कर चुका है। भाजपा का दावा है कि राज्य सरकार की पारदर्शी नीतियों और 'ईज आफ डूइंग बिजनेस' में सुधार के कारण छत्तीसगढ़ अब घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की पहली पसंद बन गया है।
वहीं, कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के सिंगापुर दौरे को फिजूलखर्ची करार दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि इससे पहले साय दक्षिण कोरिया और जापान गए थे, जहां आठ लाख करोड़ के निवेश का दावा किया गया था, लेकिन वास्तविकता में कोई निवेश नहीं आया और कई कारखाने बंद हो गए हैं। कांग्रेस ने इन्वेटर मीट के संबंध में श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है, जिसमें यह स्पष्ट किया जाए कि कितने उद्योगपतियों ने वास्तव में यहां निवेश किया है। उनका कहना है कि यह दौरा केवल सैर-सपाटा के लिए है।
औद्योगिक विस्तार को गति मिली: चिमनानी
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने एकात्म परिसर में प्रेस वार्ता में कहा कि राज्य में औद्योगिक विस्तार को गति देने के लिए लगभग आठ लाख करोड़ रुपये के निवेश के लिए 280 परियोजनाओं के सहमति पत्र (एमओयू) हस्ताक्षरित किए जा चुके हैं। इनमें से 55 प्रतिशत परियोजनाओं पर निवेशकों को जमीन देने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
1.6 लाख रोजगार सृजित होंगे
चिमनानी ने बताया कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर 1.6 लाख से अधिक नए रोजगार सृजित होने की संभावना है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन परियोजनाओं का निर्माण और उत्पादन कार्य शुरू हो चुका है, उनके माध्यम से हजारों स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला है। प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश मीडिया के सह संयोजक राहुल राय एवं मीडिया पैनलिस्ट निशिकांत पांडे मौजूद रहे।
वित्तीय प्रोत्साहन देने का वादा
भाजपा ने औद्योगिक इकाइयों को वित्तीय प्रोत्साहन देने का भी दावा किया है। चिमनानी के अनुसार, औद्योगिक नीति के तहत 2023 से 2026 के बीच राज्य की 6,310 औद्योगिक इकाइयों को 1,594.97 करोड़ रुपये की पूंजीगत और ब्याज सब्सिडी दी गई है। इसके अलावा, 3,503 इकाइयों ने स्टाम्प शुल्क और विद्युत शुल्क में विशेष छूट का लाभ उठाया है। उन्होंने कहा कि सिंगापुर दौरे का मुख्य उद्देश्य उच्च रोजगार क्षमता वाले क्षेत्रों की बहुराष्ट्रीय कंपनियों को आकर्षित करना है।
जारी है जापानी निवेशकों से संवाद
जापान एक्सटर्नल ट्रेड आर्गनाइजेशन (जेईटीआरओ, जेट्रो) के साथ संवाद के बाद जुलाई माह में जेट्रो की उच्चस्तरीय टीम ने छत्तीसगढ़ का दौरा किया। जापानी दल ने इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी), फार्मा पार्क, रेडीमेड गारमेंट्स पार्क और टेक्सटाइल पार्क की विश्वस्तरीय अधोसंरचना का निरीक्षण किया। जेट्रो ने अपनी आधिकारिक वैश्विक वेबसाइट पर छत्तीसगढ़ के औद्योगिक अवसरों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया है, और वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जापानी निवेशकों से संवाद जारी है।
कोई नया निवेश नहीं आया: कांग्रेस
कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पिछले पौने तीन साल में कोई नया निवेश नहीं आया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने बताया कि जून 2025 तक पंजीकृत 18,940 इकाइयों में से 4,288 उद्योग बंद हो चुके हैं, जिससे हजारों लोग बेरोजगार हो गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के निवेश के दावे खोखले साबित हुए हैं। कांग्रेस का कहना है कि खराब कानून-व्यवस्था, महंगी बिजली दरें और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण व्यापारी और निवेशक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कांग्रेस ने अपने कार्यकाल (2018-2023) का हवाला देते हुए कहा कि उनकी नीतियों के कारण राज्य में 3,136 नए उद्योग लगे थे और हजारों नौकरियां पैदा हुई थीं। वर्तमान सरकार की नीतियों के कारण उद्योग संकट में हैं।