
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार चरमरा रही बिजली व्यवस्था को लेकर दिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के एक बयान ने सियासी पारा बढ़ा दिया है। प्रमुख विपक्षी दल भाजपा और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जकांछ) ही नहीं बिजली कर्मियों ने भी उनके बयान पर आपत्ति की है।
भाजपा ने मुख्यमंत्री पर अफसरों और कर्मचारियों के राजनीति करण का आरोप लगाया है। जकांछ का कहना है कि सरकार उत्पादन बढ़ाने की बजाय कर्मचारियों को निशाना बना रही है। वहीं बिजली कर्मियों का कहना है कि हम किसी पार्टी के लिए नहीं बिजली कंपनी और जनता के लिए काम करते हैं।
यह कहा था मुख्यमंत्री ने
राजीव स्मृति वन में बुधवार को एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब भी बिजली सरप्लस है, उत्पादन में कोई कमी नहीं आई है, लेकिन विद्युत कंपनियों में घुसे भाजपा के लोग बिजली आपूर्ति को प्रभावित करने में लगे हैं।
मुख्यमंत्री को सरकार चलाने की समझ नहीं : विक्रम उसेंडी
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विक्रम उसेंडी ने इस तरह की शर्मनाक टिप्पणियां करके मुख्यमंत्री अपनी जिम्मेदारी से भागने की कोशिश कर रहे हैं। बिजली कटौती के लिए जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई करने के बजाय समूचे सिस्टम को राजनीति प्रेरित बताना यह साबित करता है कि उन्हें सरकार चलाने की समझ ही नहीं है।
श्वेतपत्र जारी करे सरकार : अमित जोगी
जकांछ प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने कहा है कि सरकार को राज्य की विद्युत की स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। बिजली कटौती की समस्या का समाधान कनिष्ट अधिकारियों को निलंबित पर उन पर बिजली-गिराने से भी नहीं होगी। इसके लिए बिजली की पैदावार बढ़ानी होगी।