
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली बिल का भुगतान नहीं करने वाले सरकारी विभागों पर अब बिजली वितरण कंपनी ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। लंबे समय से बकाया जमा नहीं करने वाले प्रदेशभर के 750 से अधिक सरकारी कार्यालयों के बिजली कनेक्शन काटे गए है। कार्रवाई के बाद सरकारी विभागों में हड़कंप मचा और करीब 400 कार्यालयों ने तत्काल बकाया राशि जमा कर दी। इससे बिजली कंपनी को 4.43 करोड़ रुपये की वसूली हुई।
बिजली कंपनी की कार्रवाई से पहले सरकारी विभागों से लगातार बकाया राशि जमा करने की अपील की जा रही थी। इसके बावजूद कई विभाग भुगतान को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे थे। कई कार्यालय प्रीपेड स्मार्ट मीटर की व्यवस्था अपनाने के लिए भी आगे नहीं आ रहे थे। ऐसे में बिजली कंपनी ने बकायेदार कार्यालयों के खिलाफ सीधे कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू कर दी।
कंपनी के अनुसार, कनेक्शन कटने के बाद करीब 400 सरकारी कार्यालयों ने बकाया बिल जमा किया। भुगतान मिलने के बाद संबंधित कार्यालयों के बिजली कनेक्शन बहाल किए जा रहे हैं। वहीं, जिन कार्यालयों ने अब तक राशि जमा नहीं की है, उनसे संपर्क कर भुगतान के लिए कहा जा रहा है।
प्रदेश में सरकारी विभागों पर बिजली बिल का कुल बकाया करीब तीन हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसमें सबसे बड़ी देनदारी नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की है। इस विभाग पर 1,200 करोड़ रुपये से अधिक का बिजली बिल बकाया बताया गया है।
इसके अलावा पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, वन, स्वास्थ्य और अनुसूचित जाति विभाग भी बिजली कंपनी के बड़े बकायेदारों में शामिल हैं। इतनी बड़ी राशि लंबे समय से लंबित रहने के कारण बिजली कंपनी के राजस्व पर भी दबाव बढ़ रहा है।
सरकारी विभागों से नियमित भुगतान सुनिश्चित करने के लिए बिजली कंपनी प्रीपेड स्मार्ट मीटर व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रही है। प्रदेश के करीब 80 प्रतिशत सरकारी बिजली कनेक्शनों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। अब विभागों को प्रीपेड व्यवस्था अपनाने के लिए भुगतान करना होगा। बिजली कंपनी का स्पष्ट रुख है कि बकाया जमा होने के बाद ही कटे हुए कनेक्शन बहाल किए जाएंगे।