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रायपुर में पीएम योजना में 1393 अपात्र, दस अक्टूबर तक ग्राम सभा में कर सकते हैं दावा आपत्ति

रायपुर जिले की चार जनपदों में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 75461 परिवारों की जांच में 74068 को पात्र और 1393 को अपात्र पाया गया। आरंग में सर...और पढ़ें

By Jitendra DahiyaEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Mon, 28 Sep 2026 11:01:33 PM (IST)Updated Date: Mon, 28 Sep 2026 11:13:35 PM (IST)
रायपुर में पीएम योजना में 1393 अपात्र, दस अक्टूबर तक ग्राम सभा में कर सकते हैं दावा आपत्ति
प्रधानमंत्री आवास योजना के अपात्र बताए गए लोगों से जुड़ी प्रतीकात्मक तस्वीर। - एआई

HighLights

  1. 74 हजार से अधिक परिवारों को पक्का आवास
  2. आरंग जनपद में सर्वाधिक 676 अपात्र
  3. अपात्रों को दस अक्टूबर तक अंतिम अवसर

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में पक्का घर मिलने की उम्मीद लगाए बैठे 75,461 परिवारों की सूची में 1,393 नामों पर ब्रेक लग गया है। चार जनपदों की ग्रामसभाओं से अनुमोदित सूची में 74,068 हितग्राही पात्र पाए गए हैं। अब जिनके नाम अपात्र सूची में हैं, उनके पास अपनी पात्रता साबित करने का मौका है।

28 सितंबर से 10 अक्टूबर तक ग्रामसभा में लिखित दावा-आपत्ति की जा सकेगी। इसके बाद जिला स्तरीय समिति दस्तावेजों के आधार पर इन मामलों पर फैसला करेगी। सबसे ज्यादा 676 नाम आरंग में अपात्र मिले हैं। अभनपुर में 257, धरसींवा में 330 और तिल्दा में 130 हितग्राही अपात्र हैं। यानी चारों जनपदों में करीब 98 प्रतिशत नाम पात्र पाए गए हैं। सूची जिला, विकासखंड और ग्राम पंचायत भवनों में देखी जा सकती है।


आरंग में सबसे ज्यादा नाम छंटे

चारों जनपदों में आरंग की सूची सबसे ज्यादा चर्चा में है। यहां 25,814 हितग्राहियों में 25,138 पात्र मिले, जबकि 676 नाम अपात्र कर दिए गए। धरसींवा में 11,540 में से 330, अभनपुर में 18,352 में से 257 और तिल्दा में 19,755 में से 130 नाम अपात्र पाए गए। आंकड़ों को देखें तो तिल्दा में अपात्र हितग्राहियों की संख्या सबसे कम है। वहीं संख्या के लिहाज से आरंग में सबसे ज्यादा नाम सूची से बाहर हुए हैं। अब इन हितग्राहियों की आपत्तियों पर दोबारा जांच होगी।

नाम अपात्र तो घर बैठे न रहें

सूची में नाम अपात्र आने का मतलब यह नहीं कि मामला वहीं खत्म हो गया। संबंधित हितग्राही 10 अक्टूबर तक ग्रामसभा में लिखित दावा-आपत्ति दे सकते हैं। इसके साथ पात्रता से जुड़े जरूरी दस्तावेज और स्पष्ट जानकारी देना अहम होगा। आपत्तियों की जांच जिला स्तरीय समिति करेगी। यानी जिन परिवारों को लगता है कि उनका नाम गलत तरीके से अपात्र किया गया है, वे तय अवधि में अपनी बात रख सकते हैं। इसके बाद मिलने वाली आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा। आवेदन अस्पष्ट या त्रुटिपूर्ण होने पर भी कार्रवाई नहीं होगी।

एक सूची, चार जनपद और हजारों परिवार

आवास प्लस 2.0 के 2024 सर्वे से तैयार प्राथमिकता सूची में चार जनपदों के 75,461 हितग्राहियों को शामिल किया गया था। ग्रामसभा के अनुमोदन के बाद 74,068 नाम पात्र और 1,393 अपात्र पाए गए। अब अगला चरण आपत्तियों की जांच का है। पात्रता सूची संबंधित जिला कार्यालय, विकासखंड कार्यालय और ग्राम पंचायत भवन में चस्पा है। इसलिए हितग्राही किसी और के भरोसे रहने के बजाय सूची में अपना नाम और स्थिति खुद देख सकते हैं। खासकर अपात्र घोषित परिवारों के लिए 10 अक्टूबर अंतिम मौका है।