
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक परंपराओं को सुदृढ़ करने और विधायी प्रक्रिया को आधुनिक दूरदर्शिता से सुसज्जित करने की दिशा में छत्तीसगढ़ विधानसभा ने एक नया इतिहास रचने की तैयारी कर ली है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के प्रखर विजन, नवाचार और सतत मार्गदर्शन के फलस्वरूप आगामी बजट सत्र से पूर्व विधानसभा पूरी तरह से डिजिटल एवं पेपरलेस स्वरूप ग्रहण कर लेगी।
विधायी कामकाज को सुगम, पारदर्शी और तकनीक-संचालित बनाने का यह दूरदर्शी श्रेय सीधे तौर पर डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व को जाता है, क्योंकि उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष बनते ही विधानसभा का डिजिटल करने का बीड़ा उठाया था।
विधानसभा के सचिव दिनेश शर्मा के अनुसार, डिजिटाइजेशन का कार्य तीन महीने में पूरा करने का लक्ष्य है और इस संबंध में प्रस्ताव राष्ट्रीय ई-विधान शासन को भेजा जा चुका है। बतादें कि एक साल पहले ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नवा रायपुर में विधानसभा के नए भवन का उद्घाटन किया था।
नवा रायपुर स्थित सेक्टर-19 में लगभग 324 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नव्य और भव्य विधानसभा भवन को विश्वस्तरीय ई-सदन के रूप में विकसित किया जा रहा है। डॉ. रमन सिंह की विशेष पहल पर यह सुनिश्चित किया गया है कि सदन की मेजों पर स्थापित डिजिटल गैजेट्स और टैबलेट के माध्यम से प्रत्येक जनप्रतिनिधि अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होकर जनहित के मुद्दों पर संवाद कर सके।
डिजिटल क्रांति की इस स्वर्णिम यात्रा में केंद्र सरकार की 'वन नेशन, वन लेजिस्लेटिव प्लेटफार्म' (नेवा) अवधारणा को धरातल पर उतारने के लिए संसदीय कार्य मंत्रालय, राज्य शासन और विधानसभा सचिवालय के मध्य निष्पादित ऐतिहासिक समझौता इसी दूरगामी सोच का परिणाम है।
तकनीकी निष्पादन के लिए छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसाइटी (चिप्स) को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं ताकि आगामी तीन महीनों की निर्धारित समयसीमा में यह संपूर्ण रूपांतरण पूर्ण किया जा सके।
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विजन के अनुरूप, जन-जन तक सदन की सुचिता और कार्यप्रणाली की सुलभ पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आधिकारिक मोबाइल एप को भी नए कलेवर में अपडेट किया जा रहा है। अब सदन की दैनिक कार्यसूची, तारांकित-अतारांकित प्रश्नोत्तर, बजट भाषण और सजीव कार्यवाही एक ही मंच पर सर्वसुलभ होगी।
सदन की गरिमा के अनुकूल परिसर के सौंदर्यीकरण, विशाल उद्यानों, बैंक्वेट क्षेत्र और राष्ट्रीय प्रतीक 'अशोक स्तंभ' की स्थापना जैसे शेष भव्य कार्यों का अनुश्रवण भी उनके मार्गदर्शन में त्वरित गति से जारी है।
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