
रोशन चंद्राकर, नईदुनिया, आरंग। छत्तीसगढ़ का आरंग विधानसभा क्षेत्र अपनी भौगोलिक संरचना, प्रशासनिक सीमाओं और लंबे राजनीतिक इतिहास के कारण प्रदेश के अन्य विधानसभा क्षेत्रों से अलग पहचान रखता है। दो लाख से अधिक आबादी वाले इस विधानसभा क्षेत्र में आरंग शहर जहां क्षेत्रीय मुख्यालय और प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, वहीं आसपास के अनेक गांव प्रशासनिक, थाना, विकासखंड, विधानसभा और व्यावसायिक संपर्क की अलग-अलग व्यवस्थाओं से जुड़े हुए हैं। यही वजह है कि आरंग विधानसभा क्षेत्र को लेकर एक बार फिर नए परिसीमन, सीमाओं के तार्किक पुनर्गठन और विधानसभा सीट को सामान्य किए जाने की मांग चर्चा में है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आरंग शहर और ग्रामीण अंचल में जिस स्तर का समग्र, संतुलित और रोजगारपरक विकास होना चाहिए था, वह अपेक्षित गति से नहीं हो सका। इसके पीछे अनेक कारण हो सकते हैं, लेकिन क्षेत्र की मौजूदा भौगोलिक एवं प्रशासनिक संरचना भी विकास की योजना और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के संदर्भ में महत्वपूर्ण प्रश्न खड़े करती है।