रायपुर। Railway News : अनलाक के बाद चुनिंदा लोकल ट्रेनों को चलाने की अनुमति तो मिल गई है, लेकिन इन ट्रेनों से सफर कर रहे यात्रियों की परेशानी कम नहीं हो पाई। क्योंकि रेलवे प्रशासन ने भले ही यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर 12 फरवरी से 12 लोकल ट्रेन शुरू की है।
वहीं यात्रियों को टिकट लेने के लिए काउंटर पर आधे घंटे पहले दौड़ लगानी पड़ रही। जहां उन्हें यात्रा तो लोकल ट्रेन की करनी है, लेकिन टिकट के लिए दोगुनी कीमत चुकानी पड़ती है। दक्षिण्ा पूर्व मध्य रेलवे ने बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, डोंगरगढ़ के बीच लोकल ट्रेनें शुरू की हैं।
वहीं इन ट्रेनों की टिकटों की कीमत एक्सप्रेस मेल के सेकंड स्पीपर के किराये के बराबर है, लेकिन इन टिकटों के जरिए स्पेशल एक्सप्रेस मेल ट्रेन में सफर नहीं किया जा सकता है।
यात्री तलाश रहे विकल्प
ट्रेन श्ाुरू नहीं होने के पहले जिस प्रकार से लोकल यात्री सफर कर रहे थे, दोबारा उसी तरह के विकल्प मिलेंगे यह बात अधिकांश यात्री मान रहे थे। ज्ञात हो कि ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को हमेशा के मुकाबले ज्यादा किराया देना पड़ रहा है। वहीं रेलवे इस संबंध में रेलवे मंत्रालय की गाइडलाइन की बात कह रहा है।
चुनिंदा ट्रेनें ही चलाई जा रही
देशभर में हर रूट में चुनिंदा ट्रेनों ही चलाई जा रही है, इन सभी ट्रेनों को कोविड स्पेशल नाम दिया गया है। इसलिए स्पेशल ट्रेनों का किराया बढ़ा है।
बिना रिजर्वेशन ट्रेंनों के सेकंड स्लीपर में भी यात्रियों को सफर करने की अनुमति नहीं है। यही वजह है कि लोकल रूट पर भी यात्रियों को अब तक रिजर्वेशन कराकर सफर करना पड़ रहा है।
सामाजिक दूरी खत्म
बढ़े कोरोना संक्रमण के दौरान जहां लोगों को सामाजिक दूरी रखने की हिदायत दी जा रही है, वहीं लोकल ट्रेनों में इन नियमों का पालन खत्म हो गया है। क्योंकि महीने वार पास जारी नहीं होने से यात्री टिकट काउंटर पर आधा घंटे पहले पहुंच जाते है।
ऐसे में ट्रेन छुटने के डर से लाइन खड़े रहे यात्रियों की सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो पा रहा है। वहीं रेलवे प्रशासन का भी निर्देश है कि पास नहीं जारी होगा, भले ट्रेन में ठसाठस की हालत बन जाए।