नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। रायपुर की हवा को साफ करने के प्रयासों का असर इस बार स्वच्छ वायु सर्वेक्षण की रैंकिंग में दिखाई दिया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में रायपुर ने 189 अंक हासिल कर छठी रैंक प्राप्त की है। पिछले वर्ष रायपुर 184 अंकों के साथ 11वें स्थान पर था। यानी एक साल में स्कोर पांच अंक बढ़ा और रैंकिंग में पांच स्थान का सुधार हुआ। 2024 में रायपुर आठवें और 2023 में 16वें स्थान पर था।
रायपुर के प्रदर्शन पर नजर डालें तो 2023 में शहर को 169.5 अंक के साथ 16वीं रैंक मिली थी। 2024 में स्कोर बढ़कर 177.5 हुआ और रैंक आठवीं रही। 2025 में अंक बढ़कर 184 हुए, हालांकि रैंक 11वीं हो गई। अब 2026 में 189 अंक के साथ रायपुर छठे स्थान पर पहुंच गया है। तीन साल में शहर के स्कोर में 19.5 अंक का सुधार हुआ है।
सड़क की धूल, कचरा और निर्माण पर काम का फायदा
सर्वेक्षण की तैयारियों के दौरान रायपुर में सड़क की धूल, निर्माण एवं तोड़फोड़ से निकलने वाले कचरे, औद्योगिक उत्सर्जन, वाहनों से होने वाले प्रदूषण और जनजागरूकता जैसे क्षेत्रों पर काम किया गया। शहर की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार 2652 किमी सड़कों पर सफाई की व्यवस्था, प्रतिदिन 69 टन निर्माण कचरे का संग्रहण-प्रसंस्करण, प्रमुख निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण और 186 उद्योगों में उत्सर्जन मानकों का पालन कराया गया। इसके अलावा ई-वाहनों को बढ़ावा देने के लिए 22 ईवी चार्जिंग स्टेशन भी उपलब्ध कराए गए।
रैंकिंग सुधरी, लेकिन चुनौतियां बरकरार
रैंकिंग में सुधार के बावजूद रायपुर की वायु गुणवत्ता के मोर्चे पर अभी कई चुनौतियां हैं। पिछले आकलन में 313 किमी क्षेत्र के मुकाबले सिर्फ 64.06 किमी क्षेत्र में हरियाली विकसित होने की जानकारी सामने आई थी। शहर में ई-वाहनों की हिस्सेदारी भी कुल वाहनों की तुलना में करीब 1.5 प्रतिशत थी। PM10 के स्तर में सुधार भी सीमित रहा था। ऐसे में रैंकिंग में सुधार को वायु प्रदूषण में उसी अनुपात में कमी का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
रायपुर के दो, भिलाई के एक वार्ड को जगह
सर्वेक्षण की वार्ड स्तरीय रैंकिंग में भी छत्तीसगढ़ के शहरों ने जगह बनाई है। 30 हजार से अधिक आबादी वाले वार्डों की श्रेणी में रायपुर के वार्ड 46 आरएमसी को राज्य स्तर पर स्थान मिला है। वहीं 10 हजार से 30 हजार आबादी वाली श्रेणी में रायपुर के वार्ड 30 आरएमसी को जगह मिली। 10 हजार से कम आबादी वाली श्रेणी में भिलाई के वार्ड पांच कोसा नगर का चयन हुआ है।
दुर्ग-भिलाई 17वें, कोरबा 10वें स्थान पर
10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में दुर्ग-भिलाई ने 175.3 अंक हासिल कर 17वीं रैंक प्राप्त की है। वहीं तीन से 10 लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी में कोरबा ने 186.5 अंक के साथ 10वीं रैंक हासिल की। इस तरह राज्य के तीन प्रमुख शहरों रायपुर, दुर्ग-भिलाई और कोरबा ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।
कब से हो रहा सर्वे
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और सीपीसीबी की पहल है। इसकी शुरुआत 2022 में हुई थी। इसमें शहरों को सड़क की धूल, कचरा और बायोमास जलाने, वाहनों और उद्योगों से होने वाले उत्सर्जन, निर्माण गतिविधियों तथा वायु गुणवत्ता सुधार के लिए किए गए कार्यों जैसे विभिन्न मानकों पर परखा जाता है।
फैक्ट फाइल
रायपुर की रैंकिग :-
2023: 169.5 अंक, 16वीं रैंक
2024: 177.5 अंक, 8वीं रैंक
2025: 184 अंक, 11वीं रैंक
2026: 189 अंक, 6वीं रैंक
तीन साल में स्कोर सुधार: 19.5 अंक
एक साल में सुधार: 5 अंक और 5 रैंक
प्रदेश के अन्य शहरों की 2026 की रैंकिग
दुर्ग-भिलाई: 175.3 अंक, 17वीं रैंक
कोरबा: 186.5 अंक, 10वीं रैंक