
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी रायपुर में शक्कर की बढ़ती जमाखोरी और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को जिला प्रशासन द्वारा व्यापारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य शक्कर की स्टॉक सीमा को तय करना और व्यापारियों को नए नियमों से अवगत कराना था, ताकि बाजार में आवश्यक वस्तुओं की सुचारू आपूर्ति बनी रहे।
यह उच्चस्तरीय बैठक अपर कलेक्टर कीर्तिमान राठौर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में खाद्य विभाग के प्रमुख अधिकारी और शहर के तमाम प्रमुख शक्कर व्यापारी बैठक में शामिल हुए। बैठक के दौरान प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया कि बाजार में किसी भी तरह की कालाबाजारी या जमाखोरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अब नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रशासन की ओर से बैठक में यह कड़े निर्देश दिए गए कि कोई भी व्यापारी खरीदा गया शक्कर का स्टॉक 30 दिनों से अधिक समय तक अपने पास नहीं रख सकेगा। इसके अलावा, भंडारण को लेकर एक निश्चित सीमा तय करते हुए बताया गया कि किसी भी एक स्थान पर एक समय में चार हजार क्विंटल से अधिक शक्कर का स्टॉक रखने की अनुमति बिल्कुल नहीं होगी। व्यापारियों को अपने कुल स्टॉक की नियमित और पारदर्शी जानकारी समय-समय पर प्रशासन को उपलब्ध करानी होगी।
नए दिशा-निर्देशों के तहत व्यापारियों को उपभोक्ता मामले विभाग के आधिकारिक स्टॉक मॉनिटरिंग पोर्टल पर अपना पंजीयन अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, प्रत्येक शुक्रवार को शक्कर के कुल स्टॉक की आधिकारिक घोषणा करना भी अनिवार्य कर दिया गया है। बैठक के अंत में व्यापारियों ने इन नियमों के पालन को लेकर अपनी सहमति जताई, हालांकि इस दौरान उन्होंने प्रशासन के सामने कुछ व्यावहारिक दिक्कतों का भी जिक्र किया, जिस पर संबंधित अधिकारियों ने उचित विचार करने का आश्वासन दिया है।