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रायपुर गणेश प्रतिमा विसर्जन 2026: नदी, तालाबों में विसर्जन किया तो कटेगा चालान, 43 अस्थाई कुंडों में ही करें विसर्जन

रायपुर में गणेश प्रतिमा विसर्जन 25 सितंबर से शुरू हो रहा है। नगर निगम ने बड़ी प्रतिमाओं के लिए महादेवघाट और छोटी प्रतिमाओं के लिए शहर के दस जोन में तै...और पढ़ें

By Saurab MishraEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Thu, 24 Sep 2026 06:41:45 PM (IST)Updated Date: Thu, 24 Sep 2026 06:46:00 PM (IST)
रायपुर गणेश प्रतिमा विसर्जन 2026: नदी, तालाबों में विसर्जन किया तो कटेगा चालान, 43 अस्थाई कुंडों में ही करें विसर्जन
रायपुर नगर निगम के अधिकारी महादेव घाट के अस्थाई कुंड का निरीक्षण करते हुए। - निगम

HighLights

  1. रायपुर में 25 सितंबर से शुरू होगा विसर्जन
  2. छोटी प्रतिमाओं के लिए 43 अस्थायी कुंड बने
  3. तालाबों और नदियों में प्रतिमा विसर्जन प्रतिबंधित

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। रायपुर में गणेश विसर्जन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राजधानी में आगामी 25 सितंबर से गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू होने जा रहा है। नगर निगम प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण और जलस्रोतों को बचाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए महादेवघाट पर विशेष व्यवस्था की गई है, जबकि छोटी प्रतिमाओं के लिए शहर के दसों जोन में कुल 43 अस्थायी विसर्जन कुंड बनाए गए हैं ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

प्रशासन ने पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि खारून नदी, तेलीबांधा तालाब, बूढ़ातालाब और शहर के अन्य पारंपरिक जलस्रोतों या तालाबों में सीधे तौर पर प्रतिमाओं का विसर्जन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि कोई व्यक्ति या समिति नियमों का उल्लंघन करते हुए प्रतिबंधित जलस्रोतों में विसर्जन करती है, तो उनके खिलाफ त्वरित और सख्त चालानी कार्रवाई की जाएगी। निगम का मुख्य उद्देश्य जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाना और विसर्जन से पहले पूजन सामग्री को अलग करना है।


सुरक्षा और पुलिस बल की पुख्ता तैनाती

विसर्जन प्रक्रिया को पूरी तरह शांतिपूर्ण और सुरक्षित रूप से संपन्न कराने के लिए शहर भर में एक हजार से अधिक पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। महादेवघाट के मुख्य विसर्जन कुंड पर 25 सितंबर की सुबह छह बजे से एक अक्टूबर की सुबह छह बजे तक अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए गोताखोर, मोटर बोट, एंबुलेंस, मेडिकल टीम और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मुस्तैद रहेंगी। भीड़भाड़ वाले संवेदनशील इलाकों में सिविल ड्रेस में महिला पुलिसकर्मी विशेष रूप से निगरानी करेंगी।

जोनवार बनाए गए अस्थायी कुंडों की जानकारी

शहर के विभिन्न नागरिकों की सुविधा के लिए सभी दस जोन में अस्थायी कुंड स्थापित किए गए हैं। जोन एक से लेकर जोन दस तक के विभिन्न तालाबों और प्रमुख स्थलों जैसे गुढ़ियारी, भनपुरी, फाफाडीह, खम्हारडीह, तेलीबांधा, बूढ़ातालाब, कुशालपुर, रामनगर, कचना और कमल विहार के गजराजबांधा तालाब के पास ये कुंड बनाए गए हैं। प्रशासन ने सभी सार्वजनिक समितियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे प्रशासनिक नियमों का पूरी निष्ठा से पालन करें और केवल निर्धारित विसर्जन स्थलों का ही उपयोग करें।