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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 21, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रायपुर : धर्म संसद के बाद फिर से होगा सनातन धर्म को लेकर बड़ा आयोजन

महाशिवरात्रि पर्व को 27 फरवरी से 2 मार्च तक महाशिवरात्रि महोत्सव के रूप में मनाया जाएगा,

By Kadir KhanEdited By: Kadir Khan
Publish Date: Mon, 21 Feb 2022 04:18:31 PM (IST)Updated Date: Mon, 21 Feb 2022 04:18:31 PM (IST)
रायपुर : धर्म संसद के बाद फिर से होगा सनातन धर्म को लेकर बड़ा आयोजन

रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। छत्‍तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गत दिसंबर माह में धर्म संसद का आयोजन हुआ था। इसमें राष्ट्रपिता पर अपमानजनक टिप्पणी पर बवाल मचा था। अब एक बार फिर आयोजक संस्था द्वारा सनातन धर्म को लेकर महाशिवरात्रि पर बड़ा आयोजन किया जा रहा है।

श्रीनीलकंठ सेवा संस्था के संस्थापक पंडित नीलकंठ त्रिपाठी ने समस्त हिन्दू संगठनों की बैठक बुलाई । इसमें वरिष्ठ समाजसेवी सच्चिदानंद उपासने एवं अमृत लाल बिलथरे के साथ हिन्दू समाज के कई प्रमुख उपस्थित हुए।

पंडित नीलकंठ त्रिपाठी ने कहा कि महाशिवरात्रि का पर्व प्रति वर्ष बड़ी धूमधाम से मनाते है। इसमें प्रदेश के समस्त सनातनी एकत्रित होकर इस पर्व को भव्यता देते है। इस पर्व को मनाने का उद्देश्य सभी सनातनियो को एकत्रित कर सनातन धर्म का विस्तार एवं प्रचार प्रसार किया जाता है। बैठक में उपस्थित सभी हिन्दू संगठन के प्रमुख लोगो का यही मत आया कि जिस प्रकार से धर्म संसद में भव्यता आई। उसी प्रकार से महाशिवरात्रि के पर्व को भी सनातन धर्मियो को एकत्रित कर कार्यक्रम में भव्यता लाएंगे।


महाशिवरात्रि पर्व को 27 फरवरी से 2 मार्च तक महाशिवरात्रि महोत्सव के रूप में मनाया जाएगा। जिसमे 27 फरवरी को शाम 4 बजे महिलाओं द्वारा हल्दी,चंदन,केशर व तेल के लेप से महादेव का हल्दी, तेल का रस्म पूरा किया जाएगा। इससे सनातन धर्म की महिलाएं भी इसमें भागीदारी देंगी।

पालकी और भस्म अभिषेक

28 फरवरी शाम 4 बजे शोभायात्रा ( महादेव की पालकी ) जिसमे प्रदेशभर से अनेक सनातनी एकत्रित होंगे। रात्रि 9 बजे संतों द्वारा भस्म अभिषेक किया जाएगा।

1 मार्च दोपहर 12 बजे रुद्राभिषेक होगा। दोपहर 12:30 बजे रामायण पाठ होगा। शाम 5 बजे महादेव का भव्य श्रृंगार पूजन होगा। रात्रि 6 बजे भव्य महाआरती, रात्रि 10 बजे आरती उसके बाद महादेव का श्रृंगार उतारकर रात्रि 11 बजे से पूर्ण रात्रि रुद्राभिषेक चलेगा।

2 मार्च को दोपहर 12 बजे अखण्ड रामायण का समापन होगा। शाम 5 बजे विशेष श्रृंगार दर्शन एवं शाम 6 बजे से महादेव की रसोई द्वारा महाप्रसाद वितरण (भंडारा) एवं संतो का दर्शन होगा।

आयोजन को सफल बनाने हेतु हिन्दू संगठन के लोगो ने अपनी अपनी जिम्मेदारी ली जिसमे गायत्री परिवार से मोहन लाल उपारकर एवं भूतपूर्व आर्मी वेलफेयर फाउंडेशन से दिनेश मिश्रा शोभायात्रा की अगुवाई, विप्र फाउंडेशन से दीपक शर्मा शोभायात्रा में बारातियो की स्वागत की जिम्मेदारी ली। विप्र वाहिनी से दिनेश शुक्ला ने सनातनियो को एकत्रित करने एवं आयोजन की प्रचार प्रसार की जिम्मेदारी ली।

संत महासभा से स्वामी राजेश्वरानंद ने संतो की व्यवस्था की जिम्मेदारी ली, आटो संघ के अध्यक्ष जगदीश तिवारी एवं रेखा शर्मा, शुरभि शर्मा,ऋचा मिश्रा, ने हल्दी एवं शोभायात्रा की व्यवस्था की एवं अरविंद सिंह, शुभम तिवारी, गुंजन पांडेय ने अखण्ड रामायण मानस पाठ की व्यवस्था की जिम्मेदारी ली। भोजपुरी समाज के राष्ट्रीय प्रवक्ता पंडित नरेश कुमार सुमन,पुष्पेन्द्र मिश्रा एवं आर.के. तिवारी ने सामाजिक संगठनों को जोड़ने की जिम्मेदारी ली।

अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक साहू, उज्जवल मिश्रा, धीरज मिश्रा, अरुण शुक्ला, सोनू गोस्वामी ने भंडारे की व्यवस्था की जिम्मेदारी ली। नीलकंठ विहार कालोनी के तरफ से दिलीप महता कार्यक्रम की व्यवस्था संभालेंगे। उक्त बैठक में मानस गुप्ता, आदित्य त्रिवेदी, हरि वल्लभ अग्रवाल, प्रेम शुक्ला, सतीश शर्मा,प्रमोद शुक्ला कैलाश प्रसाद तिवारी, राजू महार आदि उपस्थित रहे।