रायपुर में स्मार्ट बताकर साधारण टीवी बेचा, अब उपभोक्ता आयोग ने लगाया ये जुर्माना
रायपुर के जिला उपभोक्ता आयोग ने श्री बालाजी इलेक्ट्रानिक्स के संचालक को स्मार्ट टीवी बताकर साधारण टीवी बेचने के मामले में उपभोक्ता के पक्ष में फैसला स...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 12 Sep 2026 07:11:20 PM (IST)Updated Date: Sat, 12 Sep 2026 07:22:25 PM (IST)
उपभोक्ता फोरम के फैसले की प्रतीकात्मक तस्वीर। अर्काइवHighLights
- दुकानदार ने स्मार्ट टीवी कहकर सामान्य टीवी बेचा था
- आयोग ने छह प्रतिशत ब्याज के साथ राशि लौटाने को कहा
- मानसिक क्षतिपूर्ति और वादव्यय के रूप में पांच हजार मिलेंगे
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। स्मार्ट टीवी बताकर साधारण टीवी बेचने के मामले में जिला उपभाेक्ता आयोग ने उपभोक्ता के पक्ष फैसला सुनाया है। ग्राहक के साथ अनुचित व्यापार व्यवहार और सेवा में कमी के मामले में रायपुर के शारदा चौक स्थित श्री बालाजी इलेक्ट्रानिक्स के संचालक को आदेशित किया है कि वह ग्राहक को सादे टीवी के बदले उसकी पूरी राशि छह प्रतिशत ब्याज के साथ पूरी राशि 45 दिनों में लाैटा दे। साथ ही मानसिक क्षतिपूर्ति, वादव्यय और अधिवक्ता शुल्क के रुप में पांच-पांच हजार रुपये अदा करने होंगे।
गोबरा नवापारा रायपुर निवासी परिवादी पूनम दास मानिकपुरी ने सात मई 2022 को श्री बालाजी इलेक्ट्रानिक्स से 5,500 रुपये में क्राउन कंपनी का 30 इंच का टीवी खरीदा था। परिवादी का आरोप था कि दुकान के संचालक (श्याम नवानी व सुनील नवानी) ने उन्हें यह कहकर टीवी बेचा था कि यह वाई-फाई कनेक्शन वाला स्मार्ट टीवी है। लेकिन जब परिवादी ने घर ले जाकर टीवी चालू किया, तो पता चला कि वह स्मार्ट न होकर एक सामान्य टीवी है।
पक्का बिल और वारंटी कार्ड भी नहीं दिया
शिकायत के अनुसार दुकानदार ने उन्हें पक्का बिल और वारंटी कार्ड भी नहीं दिया था। जब परिवादी ने दुकानदार से संपर्क किया, तो पहले टीवी वापस लेने की बात कही गई, लेकिन बाद में मुकर गए। इसके महज दो दिन के भीतर (नौ मई 2022 को) परिवादी ने विधिक सूचना पत्र भेज दिया था और बाद में उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
विक्रेता का तर्क हुआ खारिज
दुकानदार ने अपने बचाव में तर्क दिया था कि 5,500 रुपये केवल सादे टीवी की कीमत थी और स्मार्ट बाक्स व 18 प्रतिशत जीएसटी अलग से देने पर ही स्मार्ट टीवी मिलना था, जिसकी कुल कीमत 8,260 रुपये होती है। साथ ही दुकानदार ने यह भी दावा किया कि परिवादी ने एक महीने बाद संपर्क किया था।
कच्चे बिल पर बेचा टीवी
आयोग ने दस्तावेजों का बारीकी से अवलोकन करने के बाद पाया कि विक्रेता अपने इस दावे को साबित करने में विफल रहा कि रसीद में कोई अलग से स्मार्ट बाक्स या जीएसटी का उल्लेख था। आयोग ने स्पष्ट किया कि विक्रेता ने कच्चे बिल के आधार पर सादा टीवी बेचकर और उसे समय पर वापस न लेकर सेवा में कमी की है।