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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 08, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Raipur Development Authority: आधिपत्य लेने नहीं पहुंच रहे हितग्राही, आरडीए की बढ़ी बेचैनी

Raipur Development Authority: 90 करोड़ रुपये की लागत से इन्द्रप्रस्थ का हुआ है निर्माण, 2019 में पूरा होना था प्रोजेक्ट।

By Kadir KhanEdited By: Kadir Khan
Publish Date: Mon, 08 Nov 2021 08:05:00 AM (IST)Updated Date: Mon, 08 Nov 2021 08:05:49 AM (IST)
Raipur Development Authority: आधिपत्य लेने नहीं पहुंच रहे हितग्राही, आरडीए की बढ़ी बेचैनी

Raipur Development Authority: रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। रायपुर स्थित इंद्रप्रस्थ कालोनी का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) कार्यालय हितग्राहियों की राह देख रहा है, लेकिन हितग्राही फ्लैट का अधिपत्य लेने नहीं पहुंच रहे हैं। विभाग ने फ्लैट की रजिस्ट्री करवाने को लेकर हितग्राहियों को पत्र जारी किया है, लेकिन उसके बाद भी रजिस्ट्री करवाने में हितग्राही रूचि नहीं दिखा रहे हैं।

हितग्राहियों द्वारा आधिपत्य ना लेने से आरडीए की बेचैनी बढ़ गई है। क्योंकि आरडीए को हितग्राहियों से करीब 35 करोड़ रुपये वसूल करना है। आरडीए ने बैंक से कर्ज लेकर इन्द्रप्रस्थ कालोनी का निर्माण किया है। इसलिए बैंक का ब्याज आरडीए को चुकाना पड़ रहा है। अधिकारी का कहना है कि आधिपत्य देेने के लिए हितग्राहियों को पत्र जारी किया गया है, जिसमें सिर्फ नाम मात्र के ही हितग्राही अभी तक आधिपत्य लिए हैं।


ज्ञात हो कि रायपुर विकास प्राधिकरण ने वर्ष 2016 में इंद्रप्रस्थ कालोनी का निर्माण शुरू किया था। इसमें इडब्ल्यूएस के 896 तथा एलआइजी के 944 फ्लैट शामिल हैं। हितग्राहियों को वर्ष 2019 में निर्माण कार्य पूरा कर सौंप देना था, लेकिन इस योजना को पूरे होने में पांच साल लग गए। जब तक योजना पूरी नहीं हुई थी तब तक हितग्राही आए दिन आरडीए से आवास का आधिपत्य देने की मांग कर रहे थे, लेकिन योजना पूरी होने के बाद इडब्ल्यूएस में 20 फ्लैट और एलआइजी में तकरीबन 30 फ्लैट का आधिपत्य हितग्राहियों ने लिया है। बाकि फ्लैट का आधिपत्य लेने हितग्राही नहीं पहुंच रहे हैं।

90 करोड़ की लागत से बना है इन्द्रप्रस्थ कालोनी

आरडीए के अधिकारी ने बताया कि इन्द्रप्रस्थ कालोनी में 944 एलआइजी और 896 इडब्ल्यूएस फ्लैट का निर्माण किया गया है। आरडीए ने इसका निर्माण कुल 90 करोड़ की लागत से किया है। योजना आने के बाद सारे फ्लैट की बुकिंग हो गई है, लेकिन ज्यादातर हितग्राहियों द्वारा ईएमआइ की राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है।

ज्यादातर हितग्राहियों ने दो चार या फिर छह किस्त का ही भुगतान किया है। इस वजह से आरडीए का 35 करोड रुपये का बकाया हो गया है। आरडीए बैंक में 35 करोड़ रुपये का ब्याज भर रहा है। पहले से कर्ज में डूबे आरडीए के सिर पर एक नई मुसीबत आ गई है।

राशि का भुगतान करने को जारी किया पत्र

आरडीए रकम जमा करने को लेकर हितग्राहियों को पत्र जारी कर भुगतान कर फ्लैट को आधिपत्य लेने की गुहार लगाई है। पत्र जारी हुए एक सप्ताह से अधिक हो गए हैं, लेकिन हितग्राही आरडीए कार्यालय नहीं पहुंच रहे हैं। विभाग दोबारा पत्र जारी करने की तैयारी कर रहा है।

आधिपत्य के लिए हितग्राहियों को पत्र जारी

इंद्रप्रस्थ कालोनी बनकर तैयार हो गई है। फ्लैट के आधिपत्य के लिए हितग्राहियों को पत्र जारी किया गया है, लेकिन नहीं आ रहे हैं। इससे बैंक का 35 करोड़ रुपये बकाया है जिसका ब्याज बढ़ रहा है। -अनिल कुमार गुप्ता, अधीक्षण अभियंता आरडीए रायपुर