रायपुर में महिला डॉक्टर से दहेज प्रताड़ना, पैसों के लिए की शादी, बीमार बच्चे के साथ बेसहारा छोड़ा
रायपुर में महिला डॉक्टर ने पति और ससुराल वालों पर दहेज प्रताड़ना, आर्थिक शोषण और मारपीट की एफआईआर दर्ज कराई है। आरोपी पति ने बीमार नवजात और पत्नी को बेसहारा छोड़ दिया।
Publish Date: Sun, 08 Nov 2026 08:19:38 AM (IST)Updated Date: Sun, 08 Nov 2026 08:19:38 AM (IST)
रायपुर में महिला डॉक्टर से दहेज प्रताड़ना। (एआई जनरेटेड)HighLights
- महिला डॉक्टर से दहेज और पैसों के लिए प्रताड़ना।
- पति व ससुराल वालों पर महिला थाने में एफआईआर।
- पति ने पत्नी के UPI से लाखों रुपये उड़ाए।
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: राजधानी में महिला डाक्टर ने पति और ससुराल वालों पर दहेज प्रताड़ना, मारपीट और आर्थिक शोषण का आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि शादी के दो दिन बाद से ही उसे पुरानी कार और कम सोना लाने का ताना दिया जाने लगा। मायके से सोना और पैसे लाने का दबाव बनाया जाता था। विरोध करने पर पति गाली-गलौज और मारपीट करता था। महिला थाना पुलिस ने पति शुभ शर्मा, ससुर संजय शर्मा, सास स्मृति शर्मा और पति के नाना दशरथलाल तिवारी के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।
ये है पूरा मामला
- एफआइआर के अनुसार, महिला की शादी 27 नवंबर 2024 को रामटेक महाराष्ट्र में हुई थी। शादी में पिता ने आई-20 कार और सोने-चांदी के जेवर दिए थे। महिला का आरोप है कि दिसंबर 2024 में वियतनाम हनीमून के दौरान पति ने दूसरी लड़कियों से मसाज कराने पर आपत्ति जताने पर उसके साथ मारपीट की। पति ने उससे पैसों के लिए शादी करने की बात भी कही थी।
महिला ने आरोप लगाया कि पति दिसंबर 2024 से मार्च 2025 तक उसकी जानकारी और सहमति के बिना मोबाइल यूपीआइ से अपने क्रेडिट कार्ड के बिल चुकाता रहा और महंगे सामान मंगवाता था। विरोध करने पर मारपीट करता था। अप्रैल 2025 में वह मायके चली गई। बाद में बैंगलुरू में नौकरी करने लगी, जहां उसकी मासिक आय ढाई से तीन लाख रुपये थी। आरोप है कि वहां भी पति ने यूपीआइ का दुरुपयोग और प्रताड़ना जारी रखी।
महिला के मुताबिक, गर्भावस्था में बच्चे को गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं होने की जानकारी मिलने के बाद पति ने उसका साथ छोड़ दिया। सात जून 2026 को बैंगलुरु में बच्चे का जन्म हुआ। उसे भी स्वास्थ्य जटिलताओं के कारण आइसीयू में रखना पड़ा। महिला का आरोप है कि पति और ससुराल वालों ने मां-बेटे की कोई सुध नहीं ली। 27 सितंबर को महिला थाने में आवेदन देने के बाद काउंसलिंग हुई, लेकिन असफल रहने पर एफआइआर दर्ज की गई।