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रायपुर के गिग वर्कर्स अब बिना हेलमेट नहीं कर पाएंगे डिलीवरी, सभी का होगा पुलिस वेरिफिकेशन

रायपुर में यातायात पुलिस ने ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों के संचालकों की बैठक ली। पुलिस ने डिलीवरी एजेंटों को 10-15 मिनट में सामान पहुंचाने के दबाव से मुक्त...और पढ़ें

By Deepak ShuklaEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Sat, 12 Sep 2026 09:07:46 PM (IST)Updated Date: Sat, 12 Sep 2026 09:10:33 PM (IST)
रायपुर के गिग वर्कर्स अब बिना हेलमेट नहीं कर पाएंगे डिलीवरी, सभी का होगा पुलिस वेरिफिकेशन
डिलिवरी कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करते पुलिस अधिकारी। - पुलिस

HighLights

  1. डिलीवरी एजेंटों को कम समय में सामान पहुंचाने से मुक्त रखा
  2. डिलीवरी कर्मियों का पुलिस चरित्र सत्यापन कराना अनिवार्य किया
  3. यातायात नियम तोड़ने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी होगी

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। यातायात पुलिस ने डिलीवरी एजेंटों को 10-15 मिनट में सामान पहुंचाने की समय सीमा से मुक्त रखने, बिना हेलमेट वाहन नहीं चलाने और सभी डिलीवरी कर्मियों का पुलिस चरित्र सत्यापन कराने के निर्देश कंपनियों को दिए हैं। इसके साथ ही रांग साइड वाहन चलाने, तेज गति से वाहन चलाने और वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल करने पर भी रोक लगाने को कहा गया है। यातायात नियम तोड़ने वाले डिलीवरी एजेंटों पर संबंधित कंपनियों को अपने स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी होगी।

पुलिस उपायुक्त यातायात एवं प्रोटोकाल डाॅ. अर्चना झा ने शनिवार को विभिन्न आनलाइन डिलीवरी कंपनियों के संचालकों और मैनेजरों की बैठक ली। इसमें फ्लिपकार्ट, ब्लू डार्ट, डिलीवरी डाट काम, ब्लिंकिट सहित अन्य कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त यातायात राम कुमार बर्मन, सहायक पुलिस आयुक्त यातायात सतीश ठाकुर और सहायक पुलिस आयुक्त यातायात रमेश येरेवार भी मौजूद रहे।


समय सीमा के कारण बढ़ता है दुर्घटना का खतरा

यातायात पुलिस ने कंपनियों को समझाइश दी कि डिलीवरी एजेंटों पर जल्द से जल्द सामान पहुंचाने का दबाव नहीं बनाया जाए। 10-15 मिनट जैसी समय सीमा के कारण एजेंट कई बार हड़बड़ी में वाहन चलाते हैं। सामान समय पर पहुंचाने की कोशिश में तेज गति से वाहन चलाने या यातायात नियमों की अनदेखी करने से दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।

बिना हेलमेट वाहन चलाने पर रोक

बैठक में डिलीवरी एजेंटों के लिए हेलमेट को अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए। कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि दोपहिया वाहन से सामान पहुंचाने वाले कर्मचारी हेलमेट पहनकर ही सड़क पर निकलें। इसके अलावा रांग साइड वाहन चलाने, तेज गति से वाहन चलाने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने पर भी सख्ती से रोक लगाने को कहा गया।

सभी डिलीवरी कर्मियों का चरित्र सत्यापन जरूरी

नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कंपनियों को अपने यहां काम करने वाले सभी डिलीवरी कर्मियों का पुलिस चरित्र सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने कहा कि डिलीवरी कर्मचारी सीधे लोगों के घरों और संस्थानों तक पहुंचते हैं। ऐसे में उनकी पहचान और पृष्ठभूमि का सत्यापन जरूरी है। इससे नागरिकों का डिलीवरी सेवाओं पर भरोसा बनाए रखने में मदद मिलेगी।

ग्राहकों से भी जल्द डिलीवरी का दबाव नहीं बनाने की अपील

यातायात कमिश्नरेट ने आनलाइन सामान मंगाने वाले ग्राहकों से भी अपील की है कि वे डिलीवरी एजेंट पर जल्द सामान पहुंचाने का दबाव न बनाएं। सामान लेने के लिए कुछ मिनट अधिक इंतजार करने से सड़क पर कर्मचारी को सुरक्षित तरीके से वाहन चलाने का समय मिल सकेगा। यातायात पुलिस ने नागरिकों से यातायात व्यवस्था बनाए रखने और डिलीवरी कर्मियों की सुरक्षा का ध्यान रखने की अपील की है।