रायपुर : तहसील कार्यालय में टांगी गई सूचना, काम कराने कोई पैसे मांगे तो वाट्सअप पर करें शिकायत
इंटरनेट मीडिया में इस प्रकार के समाचार प्रसारित हो रहे थे कि जाति प्रमाण पत्र के लिए पैसों की मांग की जा रही है।
By Kadir Khan
Edited By: Kadir Khan
Publish Date: Tue, 22 Feb 2022 11:13:17 AM (IST)
Updated Date: Tue, 22 Feb 2022 11:13:17 AM (IST)

रायपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। यदि तहसील कार्यालय में कोई भी काम कराने के लिए राशि की मांग करता है तो इसकी शिकायत वाट्सएप में कर सकते हैं। साथ ही कार्यालयीन समय में इसकी लिखित शिकायत भी की जा सकती है। सोमवार को इस संबंध में सूचना रायपुर तहसील कार्यालय के बाहर टांग दी गई है।
सूचना में लिखा गया है कि किसी भी काम के लिए शासकीय-अशासकीय व्यक्ति द्वारा पैसे की मांग की जाती है तो तत्काल इसकी शिकायत मोबाइल नंबर 9753056999 पर वाट्सएप के माध्यम से कर सकते है। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले इंटरनेट मीडिया में इस प्रकार के समाचार प्रसारित हो रहे थे कि जाति प्रमाण पत्र के लिए पैसों की मांग की जा रही है। उसके बाद ही इस प्रकार की कोई घटना न हो इसके लिए सूचना टांगी गई है।
समस्याओं को होगा समाधान
यदि किसी काम के लिए कोई पैसे की मांग कर रहा है तो इसकी शिकायत तुरंत करें। लिखित शिकायत भी की जा सकती है। आम लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। -मनीष देव साहू, तहसीलदार
स्वामी आत्मानंद स्कूलों में दाखिले के लिए वसूली की शिकायत निकली झूठी
बिलासपुर के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल लाला लाजपत राय में बच्चों के प्रवेश के लिए रकम वसूली की शिकायत जांच में प्रमाणित नहीं पाई गई है। शिकायत के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने संयुक्त जांच दल गठित किया था। शिकायत की गई थी कि इस अंग्रेजी माध्यम स्कूल में बच्चों के प्रवेश के लिए प्राचार्य द्वारा डोनेशन लिया गया। इसके साथ ही अन्य बिंदुओं पर भी शिकायत की गई थी।
जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) डीके कौशिक ने बताया कि इस शिकायत की जांच एक संयुक्त दल द्वारा की गई। जांच में बच्चों के स्कूल में प्रवेश के लिए डोनेशन या रकम वसूली प्रमाणित नहीं पाया गया, लेकिन जांच में यह जरूर पाया गया कि स्कूलों में निर्धारित संख्या से अधिक बच्चों को प्रवेश दिया गया है और कुछ बच्चों के पूर्ण दस्तावेज जमा नहीं कराए गए हैं। इसके साथ ही जांच में यह भी पाया गया कि बच्चों के प्रवेश से संबंधित पंजी संधारित नहीं की गई है। डीईओ बिलासपुर ने कि बताया जांच प्रतिवेदन चार फरवरी को स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डा. आलोक शुक्ला को भेज दिया गया है।
उन्होंने बताया कि शासन को भेजे गए प्रतिवेदन में टंकण त्रुटि के कारण 'नहीं" शब्द अंकित नहीं हो सका है। शासन को भेजे गए जांच प्रतिवेदन में प्रवेश के लिए रकम वसूली प्रमाणित हुए, लिखा गया था, 'नहीं" शब्द अंकित नहीं हो सका। जांच में वास्तव में रकम वसूली प्रमाणित नहीं हुई है।