रायपुर में काशी विश्वनाथ और जगन्नाथ मंदिर के दर्शन करने हैं तो नवरात्र में पंचमी के बाद जाएं माना
राजधानी रायपुर के माना में दुर्गा पूजा की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। माना बाजार में काशी विश्वनाथ और कैंप मैदान में जगन्नाथ मंदिर स्वरूप पंडाल बन रहे...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 30 Sep 2026 03:46:20 PM (IST)Updated Date: Wed, 30 Sep 2026 03:51:35 PM (IST)
रायपुर के माना में निर्माणाधीन पूजा पंडालों की प्रतीकात्मक तस्वीर। एआईHighLights
- माना बाजार में दिखेगा काशी विश्वनाथ का स्वरूप
- माना कैंप मैदान में बनेगा दिव्य जगन्नाथ मंदिर
- बंगाल के कारीगर कर रहे आकर्षक पंडाल निर्माण
परितोष दुबे, नईदुनिया, रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा महोत्सव को लेकर उत्साह चरम पर है। राजधानी का माना क्षेत्र अपनी विशिष्ट और कलात्मक दुर्गा पूजा के लिए पूरे राज्य में प्रसिद्ध है। इस वर्ष भी माना की दोनों प्रमुख सार्वजनिक पूजा समितियां श्रद्धालुओं को अविस्मरणीय अनुभव कराने के लिए भव्य और अनूठे पूजा पंडाल तैयार करवा रही हैं।
माना बाजार स्थित सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की ओर से इस बार प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग काशी विश्वनाथ मंदिर की प्रतिकृति तैयार की जा रही है। वहीं माना कैंप मैदान में ओडिशा के पवित्र जगन्नाथ मंदिर के भव्य स्वरूप के दर्शन होंगे। दोनों ही समितियां बीते कई दशकों से अपनी अनूठी थीम और कलात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से राजधानीवासियों को आकर्षित करती रही हैं।
माना बाजार में काशी विश्वनाथ मंदिर की थीम पर तैयार होता पूजा पंडाल। - परितोष दुबे
काशी विश्वनाथ और जगन्नाथ मंदिर की भव्य थीम
माना बाजार और माना कैंप मैदान में बन रहे ये दोनों पंडाल इस वर्ष श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेंगे। माना बाजार में जहां भगवान शिव की पावन नगरी काशी की दिव्यता और काशी विश्वनाथ मंदिर की ऐतिहासिक वास्तुकला को पंडाल के रूप में साकार किया जा रहा है, वहीं माना कैंप मैदान में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के पावन धाम जगन्नाथ पुरी मंदिर की भव्य छवि साकार होगी। इन दोनों पंडालों को वास्तविक मंदिरों जैसा स्वरूप देने के लिए संरचना और नक्काशी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि यहां आने वाले भक्तों को वास्तविक तीर्थस्थल में उपस्थित होने जैसा आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हो सके।
बंगाल के कारीगरों की अद्भुत शिल्पकला
इन विशाल और कलात्मक पूजा पंडालों के निर्माण के लिए पश्चिम बंगाल से अनुभवी कारीगरों का विशेष दल रायपुर पहुंचा है। कारीगरों ने अगस्त माह के दूसरे हफ्ते से ही दिन-रात मेहनत करके निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। वर्तमान में दोनों ही आयोजन स्थलों पर पंडाल निर्माण का कार्य बेहद तीव्र गति से चल रहा है। बांस, कपड़े और विभिन्न पारंपरिक सजावटी सामग्रियों का उपयोग कर पंडालों को सुंदर रूप दिया जा रहा है। विशेष बात यह है कि माना बाजार पूजा समिति की मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा भी बंगाल के मूर्तिकारों द्वारा आयोजन स्थल पर ही तैयार की जा रही है, जो अपने पारंपरिक बंगाली सौंदर्य और जीवंतता के लिए जानी जाती है।
30-30 लाख का बजट और पांच दिवसीय परंपरा
शारदीय नवरात्र के दौरान जहां अधिकांश स्थानों पर नौ दिनों तक माता की आराधना की जाती है, वहीं बंगाली समाज की परंपरा के अनुसार यह आयोजन षष्ठी से विजयादशमी तक पांच दिवसीय होता है। इस वर्ष दोनों आयोजनों पर कुल 60 लाख रुपये से अधिक खर्च किए जा रहे हैं। माना बाजार समिति ने इस भव्य आयोजन के लिए 30 लाख रुपये का बजट तय किया है, जबकि माना कैंप मैदान समिति का बजट लगभग 32 लाख रुपये है। भारी-भरकम बजट और भव्य स्वरूप के कारण यह धार्मिक आयोजन पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।