
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी रायपुर के नगर निगम मुख्यालय में उस समय स्थिति असामान्य हो गई, जब अपने क्षेत्र की बदहाल समस्याओं से तंग आ चुके नागरिकों ने एक अनूठा और कड़ा विरोध दर्ज कराया। कुशालपुर और आसपास के क्षेत्र के रहवासियों ने निगम प्रशासन की कार्यशैली और अनदेखी से परेशान होकर सोमवार को नगर निगम कार्यालय के सामने अर्धनग्न होकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान एक स्थानीय युवक ने पूर्व में नगर निगम को सौंपे गए दर्जनों आवेदनों और पत्रों की माला अपने गले में पहन रखी थी।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे अपने इलाके की बुनियादी सुविधाओं के लिए पिछले कई सालों से लगातार नगर निगम के चक्कर काट रहे हैं। कई गंभीर विषयों पर तो 20 से 25 बार तक लिखित शिकायतें और मांग पत्र दिए जा चुके हैं, किंतु निगम प्रशासन की कुंभकर्णी नींद नहीं टूट रही है। थक-हारकर उन्होंने शासन और प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए अर्धनग्न होकर और आवेदनों की माला पहनकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन का मार्ग चुना। इस दौरान प्रदर्शनकारी सीधे नगर निगम आयुक्त से मिलकर अपनी पीड़ा व्यक्त करने पर अड़े रहे।
स्थानीय लोगों ने अपनी चार सूत्रीय प्रमुख मांगें रखीं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वार्ड क्रमांक 66 के तहत आने वाले राम-जानकी सामुदायिक भवन, छत्रपति शिवाजी स्कूल, तिरंगा चौक, समीक्षा मेडिकल, पहाड़ी तालाब और बंजारी मंदिर मार्ग पर जानलेवा गड्ढे हो चुके हैं। चार वर्षों से इन गड्ढों की मरम्मत नहीं कराई गई है, जबकि इसी रास्ते से जनप्रतिनिधियों और निगम के आला अधिकारियों की गाड़ियां रोज गुजरती हैं।
इसके अलावा वृंदावन नगर-कुशालपुर मुख्य मार्ग पर स्पीड ब्रेकर दोबारा बनाने, निगम कर्मचारी महेश वाघ को निलंबित करने और पंकज गार्डन के सौंदर्यीकरण में हुई वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग भी की गई।
लगातार पांच घंटे तक निगम परिसर में नारेबाजी और प्रदर्शन के बावजूद नागरिकों की मुलाकात आयुक्त से नहीं हो सकी। कोई सक्षम अधिकारी उनका ज्ञापन लेने या ठोस आश्वासन देने बाहर नहीं आया। इससे आहत होकर स्थानीय नागरिक निराश होकर वापस लौट गए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समाधान नहीं हुआ, तो यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा।