By Ashish Kumar GuptaEdited By: Ashish Kumar Gupta
Publish Date: Thu, 02 Mar 2023 03:59:53 PM (IST)Updated Date: Thu, 02 Mar 2023 03:59:53 PM (IST)
रायपुर। Raipur: लोगों के लिए परेशानी का सबब बना पुराने निर्माण का मलबा नगर निगम के लिए अब कमाई का जरिया बन गया है। इससे निगम को हर वर्ष लगभग सात लाख रुपये की आमदनी होगी। दरअसल, राजधानी के हीरापुर के पास जरवाय में प्रदेश का पहला सी एंड डी वेस्ट (कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन) प्लांट संचालित हो चुका है। एक निजी कंपनी को इसके संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। जोन-आठ इसकी निगरानी कर रहा है। हालांकि, दस में से एक भी जोन में मलबा संग्रहण केंद्र नहीं बन पाया है।
मलबे को बना रहे दोबारा उपयोग के लायक, हो रही आमदनी
निगम के अधिकारियों ने बताया कि मलबा संग्रहण केंद्र के लिए सिर्फ चारों ओर से घिरी 500 वर्गफीट जमीन उपलब्ध करानी रहती है। इसके लिए सभी जोनों में जगह चिन्हित किया जा चुका है। इससे लोगों को अपने घरों का मलबा डालने में सहूलियत हो जाएगी। उन्होंने बताया कि सरकारी निर्माण टूटने पर बेहतर मैनेजमेंट हो जाता है लेकिन निजी निर्माण का मलबा यहां-वहां खुली जगहों में फेंक दिया जाता है।
इससे लोगों को काफी परेशानी होती है। सड़कों के किनारे मलबा फेंक देने से आवागमन बाधित होता है। उसे निगम को ही हटाना पड़ता है, जिस पर अनावश्यक खर्च होता है। प्लांट लगने से वायु प्रदूषण को रोकने में भी मदद मिलेगी। शहर में उड़ने वाली धूल के चलते वायु प्रदूषण की मात्रा मानकों से कई गुना अधिक रहती हैा इसके पीछे प्रमुख कारणों में सड़कों की गिट्टी, मुरुम, रेत आदि हैं।
दूसरे काम में होगा उपयोग
सी एंड डी वेस्ट प्लांट में मलबे को अलग-अलग तरह से प्रोसेस करने के बाद दूसरे काम में उपयोग के लायक बनाया जा रहा है। प्लांट में रोजाना 65 मलबे को प्रोसेस किया जा रहा है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि लोहे को अलग करके रिसाइकिल किया जाता है, जबकि गिट्टी, रेत, ईंट आदि को अलग करने के बाद उससे पेवर ब्लाक, ड्रेन कवर, सीटिंग बेंच, क्ले ब्रिक्स, टाइल्स, सीमेंटेड विंडो, पोल आदि बनाए जा रहे हैं।
160 महिलाओं को प्रशिक्षण, 16 को नौकरी
दो एकड़ क्षेत्र में स्थापित इस प्लांट के लिए स्व-सहायता समूह की 160 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें से 16 महिलाओं को पेवर ब्लाक और ईंट बनाने वाली फैक्ट्री में नौकरी भी मिल गई हैा
मलबा उठाने निदान 1100 और हेल्पलाइन नंबर 881589885 पर करें काल
नगर निगम प्रशासन ने निर्माण के मलबे को उठाने के लिए हेल्पलाइन नंबर 881589885 जारी किया है। यह प्लांट संचालित कर रही कंपनी का नंबर है। इस पर काल करते ही कर्मचारी मलबा उठाने के लिए पहुंच जाएंगे। जिस जगह से मलबे कोउठाया जा चुका है और वहां कोई दोबारा मलबा डालता है, तो इसकी सूचना भी निदान 1100 पर दी जा सकती है
रायपुर नगर निगम के अपर आयुक्त सुनील चंद्रवंशी ने कहा, सी एंड डी वेस्ट प्लांट का संचालन शुरू हो गया है। इसकी मानीटरिंग जोन-आठ कर रहा है। निर्माण सामग्री और मलबे का उपयोग होने से शहर की एक बड़ी समस्या दूर हो गई है। लोगों की यह आम शिकायत रहती थी कि उनके घरों के आसपास लोग खुले में मलबा फेंक देते हैं। इससे बहुत परेशानी होती है।