
रायपुर(निप्र)। गीता की मौत गंदा पानी पीने की वजह से हुई। गंदा पानी ने उसके शरीर में हेपेटाइटिस-ई का वाइरस पैदा किया और वह इस वाइरस से जिंदगी की जंग हार गई। गीता के घर के ठीक सामने नगर निगम का नल लगा हुआ है और इसी नल के बाजू में नगर निगम की नाली है, जिससे मोहल्ले के सैकड़ों घरों का गंदा पानी, सिवरेज का पानी बहता है। यह नाली भरी हुई है, बजबजा रही है। नल इस नाली से करीब एक फीट नीचे एक गड्ढे में है और नल की टोंटी से महज 2-4 इंच नीचे गड्ढे में भी गंदा पानी भरा हुआ था, जिसमें किडे बिल-बिला रहे थे। नाली और नल की दूरी महज एक फीट ही होगी। आप तस्वीर में इसे देख सकते हैं, क्योंकि तस्वीर झूठ नहीं बोलती। और यह तस्वीर बयां कर रही है, गीता की मौत की पूरी कहानी।
'पीलिया नियंत्रण में है'... कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) और सिविल सर्जन सभी बीते 20 दिनों से यही कहते आ रहे हैं। लेकिन सच्ची तस्वीर यह है कि पीलिया अब डीडीनगर में ही नहीं, बल्कि राजधानी के अलग-अलग क्षेत्रों में पैर पसार रहा है। सोमवार को रजबंधा मैदान के पास रहने वाली मरियम बी. की मौत, मंगलवार को धरमनगर में 16 साल की गीता ध्रुव की मौत, इस बात का प्रमाण है कि अफसर पीलिया से हो रही मौतों को छिपा रहे हैं। या अन्य कारण बताकर अपनी नाकामी पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं।
'नईदुनिया' टीम जब बुधवार को धरमनगर में गीता ध्रुव के घर पहुंची तो यहां परिजन उनका अंतिम संस्कार कर घर लौटे थे। गीता के बुजुर्ग माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल था और दो भाइयों के बीच एकलौती बहन को खो देने के बाद भाई सदमे में हैं। लेकिन इनके दुःख को बांटने न तो स्थानीय पार्षद पहुंचे, न शासन-प्रशासन और स्वास्थ्य अफसर। कक्षा 8वीं पास कर गीता इस साल 9वीं में पढ़ती। उसकी सहेलियों ने बताया कि वह अपनी कक्षा की होशियार छात्रा थी। भाइयों का गुस्सा निगम पर फूटा, क्योंकि ये जानते हैं कि गंदा पानी पीने से आज उनकी बहन की मौत हुई, कल कोई दूसरा शिकार होगा। लेकिन गीता तो चली गई... और गीता जिस हेपेटाइटिस-ई का शिकार हुई, उससे रायपुर में 20 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन जिम्मेदारों के कान में जूं तक नहीं रेंग रही और जिला के अफसरों से राज्य के आला अधिकारी कोई अपडेट ही नहीं ले रहे।
अब तक गर्भवतियों की मौत-
1- बबीता देवांगन, अश्वनी नगर
2- पप्पी साहू, अश्वनी नगर
3- नीलू साहू, दुर्ग
4- बनीता गौर, कालीनगर, पंडरी
5- सुभ्रदा मानिकपुरी, गुढ़ियारी
(10मई को जगन्नाथ नगर निवासी गर्भवती महिला लोकप्रिया निषाद के बच्चे की गर्भ में ही मौत हो गई थी।)
शहर के सरकारी, निजी अस्पतालों में इन्होंने तोड़ा दम-
डीडीनगर निवासी मोना पाटिल, कंकाली पारा निवासी उत्तम सोनी और पंकज बोरकर, डीडीनगर निवासी रोहित गुप्ता, तिवारी कॉलोनी निवासी प्रेम निषाद, ढालचंद वर्मा तिल्दा, महासमुंद निवासी सुकांतिन बाई, डीडीनगर निवासी राजेंद्र बैनर्जी, खमतराई निवासी राजेश कुकरेजा, कवर्धा निवासी गंगोत्री बाई, जशपुर निवासी आनंद मसीह, बलौदबाजार निवासी पूर्णिमा जांगड़े, डीडीनगर निवासी एसके सालवे, समता कॉलोनी निवासी चुन्नीलाल शुक्ला, मोवा निवासी एसबी गोरे, गोपिया पारा निवासी चंद्रकांता ीवास्तव, रीवा निवासी (रायपुर में मौत) मंग्लेश्वर सिंह, गुढ़ियारी निवासी सुभद्रा मानिकपुरी, भाटापारा निवासी नरोत्तम साहू, चंदखुरी अमेरी निवासी रूपेश साहू, रजबंधा निवासी मरियम बी और मंगलवार को गीता ध्रुव और चंद्रकांत साहू की मौत हो गई।
आपके स्वास्थ्य के लिए ये सुविधाएं- करें इस्तेमाल
1- पीलिया, उल्टी दस्त या बुखार से संबंधित बीमारियों पर आप सीधे जिला अस्पताल में बने कंट्रोल रूम के लैन्डलाइन नंबर 0771-4044108 पर कॉल कर सकते हैं। कॉल करने पर अस्पताल में मौजूद 108 एम्बुलेंस और अन्य एम्बुलेंस के माध्यम से मरीज तक पहुंचकर, उसे अस्पताल लाया जाएगा। जहां उसे उपचार दिया जाएगा। जिला अस्पताल में 30-30 बिस्तर के वार्ड तैयार किए गए हैं, जिनमें पीलिया के मरीजों को रखा गया है। यह वार्ड आइसोलेटेड है।
2- पीलिया प्रभावित क्षेत्रों में शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम की एम्बुलेंस भेजी जा रही हैं, जहां पहुंचकर अपनी खून जांच करवा सकते हैं।
कुछ अच्छाई भी दिखी कि नहीं?
आपको वार्ड में सिर्फ वही दिखा, कुछ अच्छाई भी दिखी कि नहीं? धरमनगर में पानी भरता था, अब नहीं भर रहा है। कमिश्नर को नालियों की सफाई और नल लगवाने के लिए पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन 10-20 हजार रुपए नहीं 4-5 लाख रुपए की जरूरत है, पैसा मांगा गया है। मुझे लगता था कि मेरा वार्ड पीलिया से बचा हुआ है।
सुभाष तिवारी, पार्षद,
33 मरीजों का इलाज जारी
गीता ध्रुव और चंद्रकांत साहू की मौत मंगलवार को हुई थी। दोनों को पीलिया था, अभी कुछ टेस्ट रिपोर्ट आनी शेष है। अस्पताल में 33 मरीजों का इलाज जारी है।
शुभ्रा सिंह ठाकुर, प्रवक्ता, डॉ. अंबेडकर अस्पताल