• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 17, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Raipur News: नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के विरूद्ध दर्ज 215 प्रकरण वापस

उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एके.पटनायक की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समीक्षा समिति का गठन किया गया था।

By Himanshu SharmaEdited By: Himanshu Sharma
Publish Date: Fri, 17 Jan 2020 03:55:35 PM (IST)Updated Date: Fri, 17 Jan 2020 07:05:54 PM (IST)
Raipur News: नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के विरूद्ध दर्ज 215 प्रकरण वापस
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के विरूद्ध दर्ज 215 प्रकरण वापस।

रायपुर। राज्य में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आदिवासियों के जीवन स्तर में सुधार और उनके विकास के लिए राज्य सरकार संवेदनश्ाील रूख दिखा रही है। इसी कड़ी में 215 आदिवासियों के विस्र्द्ध विभिन्न् मामलों में दर्ज किए गए प्रकरण वापस लिए गए हैं। सरकार का मानना है कि छोटे अपराधों संलिप्त पाए गए आदिवासियों को सजा से राहत मिलनी चाहिए ताकि वे अपनी पुरानी गल्तियों को ठीक कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ कर विकास कर सकें। राज्य सरकार की यह पहल राज्य में नक्सल उन्मूलन अभियान में भी सहायक बनेगी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों विशेषकर बस्तर अंचल के अनुसूचित जनजाति वर्ग के रहवासियों और ग्रामीणजनों के उत्पीड़न पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इनके विरूद्ध पुलिस द्वारा दर्ज प्रकरणों की समीक्षा करने का निर्णय लिया गया था। इस निर्णय के तहत बस्तर संभाग के सातों जिलों के अंतर्गत घटित 215 प्रकरणों की वापसी हो चुकी है।


पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री के भावनाओं के अनुरूप 8 मार्च 2019 को उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एके.पटनायक की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समीक्षा समिति का गठन किया गया था।

समिति की पहली बैठक में आदिवासियों के विरूद्ध दर्ज 313 प्रकरणों की वापसी की अनुशंसा की गयी। इनमें से बस्तर संभाग में घटित 215 प्रकरणों की वापसी हो चुकी है। राजनांदगांव के 98 प्रकरण न्यायालय में प्रक्रियाधीन है।

पटनायक कमेटी की दूसरी बैठक के लिए 197 प्रकरणों की अनुशंसा की गई है, जिन पर अगली बैठक में निर्णय लिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस महानिरीक्षक बस्तर एवं दुर्ग को निर्देशित किया गया है कि वे आदिवासियों के विरूद्ध यदि कोई प्रकरण हो तो उनकी सूची अनुशंसा सहित पुलिस मुख्यालय को भेजें।