
रायपुर। राजधानी के रेलवे स्टेशन में फल व पूड़ी-सब्जी सहित अन्य खाने-पीने की वस्तुएं धड़ल्ले से पॉलीथिन में पैक कर बेची जा रही हैं। कैरी बैग का भी खुलेआम इस्तेमाल हो रहा है। यह स्थिति राज्य के सभी रेलवे स्टेशनों की है, जबकि रेल मंत्रालय ने करीब सालभर से स्टेशनों पर पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगा रखा है। वहीं राज्य सरकार ने राज्य में इसके उत्पादन पर बिक्री पर पूर्ण रोक लगा रखी है। इसके बावजूद रेल प्रशासन इस पर रोक लगाने के बजाय कार्रवाई के नाम पर सालभर से केवल नोटिस और चेतावनी दिए जा रहा है।
रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को सेंडविच, केक, पूड़ी- सब्जी से लेकर दाल- चावल पॉलीथिन में पैक करके दिया जा रहा है। स्टेशन के कैंटीन, रेस्टोंरेंट्स और सभी स्टॉलों के साथ ही फल ठेलों में भी पॉलीथिन व कैरी बैग इस्तेमाल हो रहा है। पॉलीथिन पर रोक के करीब एक सालबाद भी यहां के खान- पान ठेकेदार और स्टेशन प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर पाए हैं। यात्रियों को जबरन पॉलीथिन थाया जा रहा है। वेंडरों का कहना है कि वे पॉलीथिन का इस्तेमाल नहीं करना चाहते, लेकिन ठेकेदार उन्हें इसके विकल्प के रूप में कुछ उपलब्ध नहीं करा रहा है, जबकि खानपान ठेकेदार यात्रियों की मांग का बहाना कर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
केवल नोटिस और चेतावनीः
पॉलिथीन पर तत्काल रोक लगाने की बाजए रेलवे प्रशासन वेंडरों और खान- पान ठेकेदारों को केवल नोटिस और चेतावनी जारी कर रहा है। सूत्रों के अनुसार स्टेशन प्रशासन की तरफ से कुछ ठेकेदारों को दो-दो बार नोटिस जारी की जा चुकी है, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ है।
फल ठेलों में पतला कैरी बैगः
रेलवे स्टेशन के फल ठेलों में खतरनाक पतले पॉलीथिन (20 माइक्रोन से कम) में केला सहित अन्य फल बेचे जा रहे हैं। कई बार पपीता सहित कुछ अन्य फल इन्हीं पतले पॉलीथिन में काट करके यात्रियों को दिया जाता है।
रेलवे स्टेशन पर पॉलीथिन में खाने- पीने की वस्तुएं बेची जा रही हैं। इस मामले में संबंधित ठेकेदार और वेंडरों को लिखित चेतावनी जारी की गई थी। इसके बावजूद वे नहीं मान रहे हैं, इसलिए अब उन पर रेलवे की तरफ से कार्रवाई की जाएगी।
-बीवीटी राव, मुख्य स्टेशन प्रबंधक रायपुर