
रायपुर। Raipur News लगभगढ़ डेढ़ महीने की छुट्टी के बाद अब जल्द स्कूल खुलने वाली है। मौज मस्ती के बाद दोबारा विद्यार्थी किताबों में झाकेंगे। लेकिन एक जगह ऐसी है जहां आपको विज्ञान जानने के लिए पढ़ने की नहीं खेलने की जरूरत होती है। जी हां, हम बात कर रहे हैं साइंस सेंटर की। विधानसभा रोड पर सड्डू में स्थित साइंस सेंटर पर आप खेल-खेल में विज्ञान को समझने के साथ वहीं अपने ज्ञान का परीक्षण भी कर सकते हैं। आपको विज्ञान पसंद है तो साइंस सेंटर आपको रोमाचिंत कर देगी। अगर आप बच्चों के साथ ज्ञानर्वधक सैर पर जाने की सोच रहे हैं तो इस सप्ताह आप छत्तीसगढ़ विज्ञान केंद्र जा सकते हैं। यहां पर अनंत कुआं, आलसी सिक्का, रिंग का भ्रम, थाली पर सिर, जादुई पानी का नल, तैरती गेंद, दर्पण भूलभुलैया जैसे कई आकर्षण है।
अपनी तरह का एकमात्र विज्ञान केंद्र :
10 एकड़ में फैले छत्तीसगढ़ विज्ञान केंद्र प्रदेश में अपनी तरह का एकमात्र विज्ञान केंद्र हैं। इसकी स्थापना 13 जुलाई साल 2012 में की गई थी। इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य है खेल-खेल में विज्ञान सीखना है। विज्ञान को जानने के साथ साथ उसे महसूस करने वाले सैकड़ों लोगों को छत्तीसगढ़ साइंस सेंटर अपनी ओर आकर्षित करता है। वीकेंड पर भीड़ ताे रहती ही है राष्ट्रीय पर्व और त्योहारों में हजारों की संख्या में लोग यहां आते हैं। विज्ञान केंद्र की चहारदीवारी के बाहर, आरामदायक हरा-भरा विज्ञान उद्यान फैला हुआ है। जहां सरल मशीनों, ध्वनि, प्रकाश विज्ञान, दोलक इत्यादि पर माडल स्थापित हैं। विज्ञान केंद्र में चार अलग-अलग गैलरी बनी हुई है।

चार अलग-अलग गैलरी में विज्ञान के चमत्कार :
विज्ञान केंद्र की मुख्य गैलरी छत्तीसगढ़ संसाधन गैलरी है। यहां प्रदेश के प्राकृतिक, सांस्कृतिक, औद्योगिक, मानव, आर्थिक एवं भूगर्भ संसाधनों को दिखाती है तथा अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग कर इसे दर्शाती है। इस दीर्घा में दीर्घा छत्तीसगढ़ के वनस्पति एवं जीव-जंतु के साथ कुटुम्बसर की गुफा, कोयले से विद्युत तक सफर को दिखाया गया है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति से जुड़े पहनावा, वाद्ययंत्र, कार्यशैली को भलीभांति दिखाया गया है। दूसरी दीर्घा में मापन इकाईयों और उनके ऐतिहासिक विकास, दैनिक जीवन में व्यवहत विभिन्न मापन तकनीकों और उनसे संबंधित जानकारियों को दर्शाती है।
भार, ध्वनि, हवा, वर्षा, पीएच, समुद्र की गहराई, ग्रहों के महत्वपूर्ण आंकड़े, भूकंप की जानकारी से संबंधित प्रतिरूप रखे गए है। तीसरे मनोरंक विज्ञान गैलरी में दर्शक अशांतकारी दोलक, गुरुत्वाकर्षण को नहीं मानने वाले वस्तुओं, भ्रम पैदा करने वाली प्रकाशीय उपकरणों, कलाबाजी करती गतिशील गेंद वस्तुओं को दर्शाने वाले दर्पण इत्यादि से अन्त: क्रिया कर सकते हैं। चौथे और आखिरी गैलरी थ्रीडी है। यहां जीव-जंतुओं से लेकर वनस्पतियों के त्री विमीय फोटो और लघु वीडियो दिखाए जाते हैं। इसके अलावा एक शिशु कक्ष, जहां बच्चे अनेक प्रकार की पहेलियां और विज्ञान किट्स के साथ सरल प्रयोगों का आनंद उठा सकते हैं।
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छात्रों के लिए पांच और सामान्य व्यक्तियों के 10 रुपये शुल्क:
साइंस सेंटर में एक तारामंडल कक्ष है। जहां खगोलीय विचारों को अनोखे एवं अन्त: क्रियात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। एक विज्ञान प्रदर्शन कक्ष जहां आगन्तुकों के समूह के लिए प्रदर्शनी और प्रयोगों को आयोजित करने का प्राविधान है ताकि उनमें विज्ञान के बारे में अभिरूचि उत्पन्न् हो सके। साइंस सेंटर सप्ताह में सोमवार के दिन बंद रहता है। विज्ञान का मजा छात्र शुल्क पांच और सामान्य व्यक्ति दस रुपये में ले सकते हैं। इसके अलावा थ्री डी शो और तारामंडल शो का दस-दस रुपये अलग से शुल्क लगता है। साइंस सेंटर सुबह 10 से शाम 5.30 बजे खुला रहता है और यह रेलवे स्टेशन से लगभग सात किमी की दूरी पर अंबुजा माल के निकट है।