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रायपुर में पुलिस की कार्रवाई, मतांतरण का दवाब बनाने वाले पास्टर और उसके सहयोगी की गिरफ्तारी

रायपुर निवासी पास्टर सुशांत ज्ञानिक और सहयोगी पीयूष पटेल कुछ समय से गांव के आदिवासी मोहल्ले में लगातार आ-जा रहे थे। दोनों ग्रामीणों से संपर्क कर उन्हे...और पढ़ें

By Paritosh DubeyEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Thu, 25 Jun 2026 12:05:29 PM (IST)Updated Date: Thu, 25 Jun 2026 12:05:29 PM (IST)
रायपुर में पुलिस की कार्रवाई, मतांतरण का दवाब बनाने वाले पास्टर और उसके सहयोगी की गिरफ्तारी
खरोरा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम मांठ में हुए विवाद के बाद थाने के सामने प्रदर्शन करते प्रदर्शनकारी। वीडियो ग्रैब

नईदुनिया, प्रतिनिधि, रायपुर। रायपुर ग्रामीण के खरोरा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम मांठ में मतांतरण और धार्मिक भावनाएं आहत करने का मामला सामने आया है। गांव के आदिवासी मोहल्ले के निवासियों की शिकायत पर पुलिस ने पास्टर सुशांत ज्ञानिक और उसके सहयोगी पीयूष पटेल के खिलाफ छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

लिखित आवेदन के बाद हुई कार्रवाई

पुलिस के अनुसार ग्राम मांठ निवासी हेमंत मरावी ने अरुण कुमार उइके और राकेश कुमार उइके के साथ थाना खरोरा पहुंचकर लिखित आवेदन दिया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रायपुर निवासी पास्टर सुशांत ज्ञानिक और उसका सहयोगी पीयूष पटेल पिछले कुछ समय से गांव के आदिवासी मोहल्ले में लगातार आ-जा रहे थे। दोनों ग्रामीणों से संपर्क कर उन्हें हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करते थे। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इस दौरान हिंदू देवी-देवताओं और धार्मिक मान्यताओं के बारे में अपमानजनक एवं आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की जाती थीं।


कई बार किया गया था विरोध

ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि आरोपितों की गतिविधियों का कई बार विरोध किया गया था। उन्हें गांव में इस तरह की धार्मिक गतिविधियां नहीं करने और लोगों पर किसी भी प्रकार का दबाव नहीं बनाने की समझाइश भी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद वे आदिवासी मोहल्ले में पहुंचकर लोगों को ईसा मसीह को मानने, प्रार्थना सभा में शामिल होने और धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करते रहे। शिकायत के मुताबिक 24 जून की शाम करीब सात बजे सुशांत ज्ञानिक और पीयूष पटेल एक बार फिर ग्राम मांठ के आदिवासी मोहल्ले पहुंचे। वहां उन्होंने लोगों को एकत्र कर प्रार्थना करने और ईसाई धर्म स्वीकार करने के लिए कहा। ग्रामीणों ने जब इसका विरोध किया तो विवाद की स्थिति बन गई। इसके बाद गांव के लोगों ने खरोरा पुलिस को सूचना दी।

ईसाई धर्म से संबंधित प्रार्थना कार्यक्रम

एफआईआर में यह भी उल्लेख किया गया है कि उसी दिन मोहल्ले के निवासी लोकेश नेताम के घर पर भी ईसाई धर्म से संबंधित प्रार्थना कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। इस बात को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी थी। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि गांव में लगातार इस तरह की गतिविधियां संचालित की जा रही थीं, जिससे सामाजिक और धार्मिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो रही थी। पुलिस ने शिकायत और प्रस्तुत तथ्यों का परीक्षण करने के बाद मामला दर्ज किया है।