
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी रायपुर में सुरक्षित निवेश और आकर्षक मुनाफे का झांसा देकर डेढ़ करोड़ से ज्यादा की राशि हड़पने का मामला सामने आया है। इनवाइस डिस्काउंटिंग के नाम पर 21 से 22 प्रतिशत तक सालाना रिटर्न का भरोसा दिलाकर एक कारोबारी से 1.65 करोड़ रुपये की ठगी कर ली गई।
लंबे समय तक पुलिस अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद जब कार्रवाई नहीं हुई, तो पीड़ित ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अब अदालत के सख्त आदेश के बाद आमानाका थाना पुलिस ने 'फाल्कन इनवाइस डिस्काउंटिंग' कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी), मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और एक महिला कर्मचारी के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, रायपुर के टाटीबंध निवासी ज्ञानेश्वर अग्रवाल के मोबाइल फोन पर वर्ष 2022 में निवेश पर मोटा मुनाफा कमाने का एक मैसेज आया था। ऐसा ही संदेश उनके बेटे के नंबर पर भी भेजा गया। संदेश से आकर्षित होकर बेटे ने कंपनी की प्रतिनिधि अनिता साल्वडे से संपर्क किया। अनिता ने ई-मेल के जरिए विभिन्न लुभावनी निवेश योजनाओं का ब्योरा भेजा। योजना के तहत निवेशकों को 12 मासिक किश्तों में निश्चित तारीख पर नियमित भुगतान और 21 से 22 प्रतिशत तक वार्षिक रिटर्न देने का दावा किया गया था।
कंपनी के आकर्षक प्रस्ताव और अनुबंध पर भरोसा करते हुए ज्ञानेश्वर अग्रवाल और उनके बेटे ने अलग-अलग किश्तों में कुल 1 करोड़ 65 लाख रुपये का निवेश कर दिया। समझौते के मुताबिक शुरुआती दौर में कंपनी ने कुछ महीनों तक खाते में रकम ट्रांसफर की। शिकायत के अनुसार पीड़ित को कुल 68 लाख 35 हजार 500 रुपये ही वापस मिले। इसके बाद 14 फरवरी 2025 से कंपनी ने अचानक भुगतान देना बंद कर दिया। निवेशकों द्वारा जब कंपनी की कर्मचारी और निदेशकों से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका।
ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने 19 फरवरी 2025 को आमानाका थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से भी गुहार लगाई। इसके बावजूद रायपुर पुलिस ने अलग से एफआईआर दर्ज करने के बजाय शिकायत को हैदराबाद के साइबराबाद स्थित आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में पूर्व से दर्ज प्रकरणों के साथ जोड़ने के लिए भेज दिया। पुलिस के इस टालमटोल रवैये से आहत होकर पीड़ित ने अदालत की शरण ली।
मामले की सुनवाई करते हुए पुनरीक्षण न्यायालय ने तीन सितंबर 2026 को अपने आदेश में स्पष्ट किया कि संज्ञेय अपराध की सूचना मिलने पर पुलिस क्षेत्राधिकार का बहाना बनाकर एफआईआर दर्ज करने से इनकार नहीं कर सकती। अदालत के कड़े निर्देश के बाद आमानाका पुलिस ने प्रबंध निदेशक अमरदीप कुमार, सीईओ आर्यन सिंह और कर्मचारी अनिता साल्वडे के खिलाफ धोखाधड़ी की सुसंगत धाराओं में अपराध दर्ज कर आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी है।