
राज्य ब्यूरो,नईदुनिया,रायपुर। भारतमाला परियोजना के राज्य में निर्माणाधीन रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे और दुर्ग-आरंग बायपास मार्ग का निर्माण कार्य मार्च 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। इस एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई लगभग 464 किलोमीटर है, जो रायपुर को सीधे विशाखापट्टनम बंदरगाह से जोड़ेगी। इसकी अनुमानित लागत लगभग 20,000 करोड़ रुपये से अधिक है। यह परियोजना न केवल छत्तीसगढ़ और ओडिशा को जोड़ेगी, बल्कि लॉजिस्टिक हब के रूप में राज्य की पहचान बनाएगी।
लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने बुधवार को अधिकारियों और ठेकेदारों की बैठक लेकर राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा गुणवत्ता और समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र कार्यालय में आयोजित बैठक में एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-धनबाद इकोनामिक कारिडोर का निर्माण भी तेज गति से चल रहा है। सचिव बंसल ने इन कारिडोरों का अधिकतम लाभ लेने राज्य की सड़कों को टू-लेन और फोर-लेन मार्गों से जोड़ने के प्रस्ताव तैयार करने को कहा। उन्होंने बरसात के दौरान आम लोगों को परेशानी से बचाने निर्माणाधीन सड़कों पर वैकल्पिक अथवा डायवर्टेड मार्ग तैयार करने के निर्देश दिए।
केशकाल घाटी बायपास में सड़क निर्माण के साथ दो बड़े पुलों के काम भी जल्द शुरू करने को कहा गया। बैठक में रायपुर के तेलीबांधा, उद्योग भवन और सरोना चौक में प्रस्तावित फ्लाईओवरों की स्वीकृति की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सचिव ने अधिकारियों को सड़क सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने, ब्लैक स्पॉट खत्म करने तथा नियमित फील्ड निरीक्षण कर तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए।
यह कॉरिडोर स्टील, पावर और सीमेंट उद्योगों के लिए विशाखापट्टनम के गहरे पानी वाले बंदरगाह तक पहुंच को सुगम बनाएगा, जिससे निर्यात लागत में 20 से 30 प्रतिशत तक की कमी आने की संभावना है। राजमार्ग छत्तीसगढ़ के धमतरी, कांकेर और कोंडागांव जैसे आदिवासी बहुल जिलों से होकर गुजर रहा है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए परिवहन, सेवा क्षेत्र और लघु उद्योगों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
सूत्रों के अनुसार पहले एक्सप्रेस-वे का निर्माण वर्ष 2026 के अंत तक पूरा किया जाना था, किंतु भू-अर्जन और भौगोलिक चुनौतियों के कारण इसे मार्च 2027 तक विस्तारित किया गया है।
बैठक में रायपुर शहर के महत्वपूर्ण ट्रैफिक पॉइंट्स—तेलीबांधा, उद्योग भवन और सरोना चौक पर प्रस्तावित फ्लाईओवरों की प्रगति पर भी चर्चा हुई। ये फ्लाईओवर शहर के भीतर ट्रैफिक जाम की समस्या को स्थायी रूप से समाप्त करने में सहायक सिद्ध होंगे।