
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले पांच दिनों से उमस और चिपचिपी गर्मी का सामना कर रहे लोगों के राहत भरी खबर है। राज्य में अगले दो दिनों में मौसम फिर से करवट लेने वाला है और बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना जताई गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, 18 सितंबर को प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं कुछ चुनिंदा स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात (आसमानी बिजली गिरने) की चेतावनी भी जारी की गई है। राजधानी रायपुर की बात करें तो यहां आकाश आंशिक रूप से मेघमय रहने का अनुमान है। तापमान की दृष्टि से अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 19 सितंबर से छत्तीसगढ़ में बारिश का वितरण और तीव्रता दोनों में बढ़ोतरी होगी। इस दौरान मेघगर्जन और चमक के साथ झमाझम बारिश होने की गतिविधियां तेज हो जाएंगी। इसके पीछे एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय हो रहा है।
उत्तरी थाईलैंड के ऊपर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण अब आगे बढ़कर उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर पहुंच रहा है, जिसके प्रभाव से 19 सितंबर की शाम तक एक नया निम्न दबाव (लो प्रेशर) का क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई है।
यह संभावित निम्न दबाव का क्षेत्र अगले तीन-चार दिनों के भीतर धीरे-धीरे मजबूत होकर दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों की ओर आगे बढ़ेगा। इस मौसमी तंत्र के असर से छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है, जिससे किसानों को भी फायदा होगा और तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में छिटपुट जगहों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश ही दर्ज की गई। पेंड्रा रोड, सल्हेवारा और चांपा में सबसे अधिक 20-20 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं कुनकुरी, रामानुजगंज, रेंगाखार कला और रघुनाथ नगर में 10-10 मिमी पानी गिरा। राजधानी रायपुर में गुरुवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो कि सामान्य से थोड़ा अधिक था। बिलासपुर में प्रदेश का सर्वाधिक तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।