मिथलेश देवांगन, राजनांदगांव। Chhattisgarh News केंद्र सरकार की प्रसाद योजना के तहत जिले के डोंगरगढ़ में पहाड़ी पर विराजित विश्व प्रसिद्ध् मां बम्लेश्वरी के भक्तों को जल्द ही बड़े पर्यटन स्थलों की तरह जरूरी सुविधाएं मिलने लगेंगी। केंद्र सरकार ने 43 करोड़ रुपये खर्च कर अधोसंरचना विकास की योजना बनाई है। लेकिन राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच श्रेय लेने की होड़ के कारण मामला फंस गया है।

स्थानीय भाजपा सांसद संतोष पांडेय का प्रयास है कि केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल विकास कार्यों की नींव रखें, तो कांग्रेसी नेता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के माध्यम से काम शुरू कराने के लिए अड़ंगा डाले हुए हैं। यहां पहाड़ी के बायीं तरफ 9.5 एकड़ क्षेत्र में श्रीयंत्र की डिजाइन का निर्माण किया जाना है। इसमें पर्यटकों को थ्री स्टार होटल-रेस्त्रां, उद्यान, खेल मैदान व आडिटोरियम जैसी आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी। मंदिर तक पहुंचने के लिए एप्रोच रोड बनाई जाएगी। मंदिर जाने वाली सीढ़ियों का सुंदरीकरण भी किया जाना है। इसके अलावा पर्यटकों को कई अन्य सुविधाएं भी मिलेगीं।

करीब सालभर पहले डोंगरगढ़ को प्रसाद योजना में शामिल किया गया था। योजना में शामिल कामों के लिए पिछले माह राज्य शासन ने निविदा की प्रक्रिया भी पूरी करा ली है। लेकिन भूमिपूजन को लेकर चल रही राजनीति के कारण काम की शुरुआत नहीं हो सकी है। दिसंबर में ही प्रशासन ने भूमिपूजन की तैयारी कर ली थी। लेकिन तिथि व अतिथि तय नहीं हो पाने के कारण मामला अटका गया।

दस महाविधा में 6वां स्थान

करीब 1600 फीट की ऊंचाई पर विराजीं मां बम्लेश्वरी का मंदिर करीब 2200 वर्ष पुराना है। इसका निर्माण उज्जैन के राजा विक्रमादित्य व कामसेन के समय हुआ था। दस महाविधा में मां बम्लेश्वरी का स्थान 6वां है। मां को पितांबरा यानी बगुलामुखी का ही रूप माना गया है। पहाड़ी पर विराजी मां बम्लेश्वरी बड़ी बहन मानी जाती हैं, जबकि नीचे वाले मंदिर में विराजीं मां बम्लेश्वरी को छोटी बहन मानी जाती है। नवरात्रि के दौरान आठ लाख से अधिक भक्त दर्शन को पहुंचते हैं। इनमें 60-70 फीसद पैदल ही डोंगरगढ़ आते हैं।

अभी यह सुविधाएं

- मंदिर जाने के लिए 1100 सीढ़ी वाला रास्ता

- छह सीटों वाली कुल 14 ट्रालियों वाला रोप-वे

- प्रतीक्षालय व भंडारा भोजनालय

- सर्वसुविधायुक्त कमरे

वर्जन

भूमिपूजन को लेकर मुख्यमंत्री के साथ चर्चा करने के बाद भी तिथि वगैरह तय करेंगे। अभी इस विषय पर कोई बात नहीं हुई है। सांसद अपना काम कर रहे हैं। हम अपना काम करेंगे।

-ताम्रध्वज साहू, गृह व पर्यटन मंत्री, छत्तीसगढ़

------

डोंगरगढ़ में प्रसाद योजना के तहत होने वाले काम के भूमिपूजन के लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्री को पत्र भेजकर आमंत्रित किया गया है। वहां से अभी जवाब नहीं आया है। जवाब के बाद ही तय होगा।

- संतोष पांडे, सांसद, राजनांदगांव संसदीय क्षेत्र

---------

साढ़े नौ एकड़ क्षेत्र में पर्यटकों के लिए अधोसंरचना का काम होना है। शासन स्तर पर टेंडर कराया जा चुका है। भूमिपूजन कब होगा, यह शासन ही तय करेगा।

- टीके वर्मा, कलेक्टर, राजनांदगांव

Posted By: Ravindra Thengdi

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस