
नईदुनिया प्रतिनिधि, राजनांदगांव। संस्कारधानी राजनांदगांव में आस्था का महापर्व रथयात्रा एक बार फिर भक्ति की नई लहर लेकर आया है। शहर में 87 वर्षों से अनवरत चली आ रही भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की भव्य रथयात्रा इस वर्ष 16 जुलाई को पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली जाएगी। इस धार्मिक आयोजन को लेकर पूरे शहर में तैयारियों का दौर अंतिम चरण में है, और भक्त प्रभु के दर्शन के लिए आतुर हैं।
रथयात्रा के दिन 16 जुलाई की सुबह आठ बजे से भगवान का विशेष श्रृंगार और पूजन विधि शुरू होगी। भक्त सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक महाप्रसाद का आनंद ले सकेंगे। दोपहर के समय प्रभु को रथ पर विराजित किया जाएगा और ठीक 2:30 बजे सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में यह दिव्य रथयात्रा अपने गंतव्य के लिए रवाना होगी।
यह रथयात्रा गांधी चौक स्थित प्राचीन जगन्नाथ मंदिर से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरेगी। इस दौरान मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालु भगवान का स्वागत करेंगे। भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और पारंपरिक स्वागत इस यात्रा का मुख्य आकर्षण होंगे। यह रथयात्रा अंततः पुरानी हेटरी स्थित श्री राम-जानकी मंदिर पहुंचेगी, जहाँ प्रभु का प्रवास होगा।
आयोजन समिति ने जानकारी दी है कि प्रभु जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा देवशयनी एकादशी तक श्री राम-जानकी मंदिर में ही भक्तों को दर्शन देंगे। इस अवधि के दौरान प्रतिदिन महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा, जिसका लाभ बड़ी संख्या में श्रद्धालु उठा सकेंगे। एकादशी के पावन दिन भगवान पुनः रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण करेंगे और वापस अपने मुख्य जगन्नाथ मंदिर में प्रवेश करेंगे। शहर में इस यात्रा को लेकर सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए गए हैं, ताकि श्रद्धालु बिना किसी बाधा के प्रभु के दर्शन कर सकें।