
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। प्रदेश के लगभग 74,19,539 राशनकार्डधारियों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में अहम बदलाव किया है। अब अप्रैल महीने में ही अप्रैल, मई और जून का चावल एक साथ वितरित किया जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य तकनीकी समस्याओं और भंडारण से जुड़ी दिक्कतों के बीच हितग्राहियों को समय पर राशन उपलब्ध कराना है।
पिछले कुछ महीनों से सर्वर में आ रही लगातार दिक्कतों और गोदामों में पर्याप्त स्टॉक की कमी के कारण राशन वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। फरवरी में मार्च का चावल अग्रिम देने के निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद व्यवस्था पूरी तरह सुचारू नहीं हो सकी। मार्च में भी पुराने स्टॉक से ही वितरण करना पड़ा।
अब सरकार ने नई व्यवस्था लागू करते हुए अप्रैल में ही तीन महीने का चावल एक साथ देने का निर्णय लिया है। खाद्य विभाग ने सभी उचित मूल्य दुकानों को 31 मार्च तक पर्याप्त मात्रा में चावल का स्टॉक रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि 30 अप्रैल तक सभी पात्र हितग्राहियों को राशन उपलब्ध हो जाए।
हितग्राहियों को अपने नजदीकी राशन दुकान पर जाकर ई-पास मशीन में अंगूठा लगाकर पहचान सत्यापित करनी होगी। इसके बाद उन्हें एक साथ तीन महीने का चावल दिया जाएगा। दुकानों पर इस व्यवस्था की जानकारी बोर्ड के माध्यम से प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा गांव और शहर स्तर पर प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।
राशन वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए अप्रैल में ‘चावल उत्सव’ आयोजित किया जाएगा। इस दौरान खाद्य, राजस्व और सहकारिता विभाग के अधिकारी निगरानी रखेंगे। यदि कहीं भी गड़बड़ी, हेराफेरी या अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जरूरतमंदों के अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।